
हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव काठुवास में उस समय शोक की लहर दौड़ गई, जब रूस-यूक्रेन युद्ध में जान गंवाने वाले युवक अंशु का शव करीब छह महीने बाद उसके घर पहुंचा। जिस बेटे के सुरक्षित लौटने की उम्मीद में परिवार दिन गिन रहा था, वह आखिरकार ताबूत में बंद घर लौटा।
अंशु एमबीए की पढ़ाई के लिए रूस गया था, लेकिन युद्ध की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई। शुक्रवार को जब उसका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया और माहौल गमगीन हो गया।
परिवार के लोग बिलख पड़े और गांव के लोगों की आंखें भी नम हो गईं। हर चेहरे पर दर्द साफ दिखाई दे रहा था। बाद में पूरे गांव की मौजूदगी में उसका अंतिम संस्कार किया गया।