
नई दिल्ली। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 को लेकर संसद में राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। विशेष सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई, जहां सरकार और विपक्ष आमने-सामने नजर आए।
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इन विधेयकों को लोकसभा में पेश किया, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक भी रखा। सरकार का कहना है कि ये बदलाव चुनाव और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करेंगे।
मेघवाल ने कहा कि यह कदम महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने के लिए अहम है और 33% आरक्षण लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह जनगणना और परिसीमन के बाद लागू होगा।
विपक्ष ने इन विधेयकों का विरोध किया। कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने इन्हें जल्दबाजी में लाने पर सवाल उठाए।
इस पर अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष सिर्फ तकनीकी आपत्तियां उठा रहा है और सरकार हर सवाल का जवाब देगी।
समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले जनगणना कराई जानी चाहिए, क्योंकि इसके बिना सभी वर्गों को सही प्रतिनिधित्व नहीं मिलेगा।