
ANS, नई दिल्ली। MSME सेक्टर से कर्ज की मांग आगे भी मजबूत बनी रहने की उम्मीद है। एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में भारत की कुल कर्ज वृद्धि करीब 26 लाख करोड़ रुपए (MSME Loan) तक पहुंच सकती है, जो साल-दर-साल आधार पर लगभग 14.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।
आईसीआरए लिमिटेड और एसोचैम की संयुक्त रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 में कर्ज वृद्धि (थोड़ी कम होकर) में 11.3 से 12 प्रतिशत या करीब 23.5 से 25 लाख करोड़ की वृद्धि होने का अनुमान है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कमी मांग में कमजोरी के कारण नहीं, बल्कि पिछले साल के ऊंचे आधार के कारण सामान्य स्थिति में वापसी है।
MSME के लिए क्या है बड़ी समस्या
हालांकि, MSME सेक्टर में वित्त (लोन मिलने में दिक्कत) तक पहुंच की बड़ी समस्या अभी भी बनी हुई है, जो इस क्षेत्र की ग्रोथ को सीमित करती है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल बैंक कर्ज में बढ़ोतरी स्थिर रहने की संभावना है, जबकि एमएसएमई और रिटेल सेक्टर इसमें नई वृद्धि के मुख्य कारण बनेंगे।
एसोचैम के महासचिव सौरभ सान्याल ने कहा कि एमएसएमई को आसानी से कर्ज उपलब्ध कराना बहुत जरूरी है ताकि समावेशी विकास को बढ़ावा मिल सके और आर्थिक विकास का लाभ सभी क्षेत्रों तक पहुंचे।
वहीं, आईसीआरए लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक के. रविचंद्रन ने कहा कि भारत की वित्तीय प्रणाली पहले की तुलना में अधिक मजबूत और स्थिर हुई है, लेकिन बदलती परिस्थितियों में पारंपरिक कर्ज देने के दृष्टिकोण से परे बदलाव की आवश्यकता है।