
साल 1995 में भारतीय टेलीविजन ने एक नया इतिहास रचा, जब देश का पहला अंग्रेजी डेली सोप प्रसारित हुआ। उस समय यह एक बड़ा प्रयोग था, जिसमें कई ऐसे कलाकार नजर आए जो आगे चलकर बॉलीवुड और ओटीटी की दुनिया के बड़े नाम बन गए।
दूरदर्शन ने जहां ‘रामायण’, ‘महाभारत’ और ‘बुनियाद’ जैसे यादगार शोज दिए, वहीं इसी मंच ने नए एक्सपेरिमेंट्स के जरिए कई टैलेंट को भी आगे बढ़ाया। करीब 31 साल पहले किया गया एक ऐसा ही प्रयोग था अंग्रेजी सीरियल ‘ए माउथफुल ऑफ स्काई’, जिसने टीवी इंडस्ट्री को नई दिशा दी।
एक नई शुरुआत
अगस्त 1995 में डीडी 3 पर इस शो का प्रसारण शुरू हुआ। उस दौर में अंग्रेजी सीरियल बनाना एक बड़ा जोखिम माना जाता था, लेकिन प्लस चैनल के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित खन्ना ने यह कदम उठाया। शुरुआत में इसके सफल होने को लेकर शंका थी, लेकिन दर्शकों के समर्थन ने इसे 252 एपिसोड तक पहुंचा दिया।
इस शो को महेश भट्ट, अनंत बलानी और अजय गोयल जैसे दिग्गजों ने निर्देशित किया, जबकि कहानी और स्क्रिप्ट अशोक बैंकर ने लिखी थी।
कई सितारों की शुरुआत
यह सीरियल कई बड़े कलाकारों के लिए लॉन्चपैड साबित हुआ। मिलिंद सोमन, राहुल बोस और रंजीव मूलचंदानी जैसे एक्टर्स ने इसमें अहम भूमिकाएं निभाईं। इसके अलावा आर माधवन, सिमोन सिंह, समीर सोनी, आयशा धारकर, अर्जुन रामपाल, अभिमन्यु सिंह, प्रवीण दबास और कुशल पंजाबी जैसे कलाकारों को भी इसी शो से पहचान मिली।
कहानी और थीम
‘ए माउथफुल ऑफ स्काई’ की कहानी पांच दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पढ़ाई के 13 साल बाद दोबारा मिलते हैं। इसमें युवाओं के संघर्ष, रिश्तों, सपनों और बदलती सोच को दिखाया गया है। शो ने भारतीय समाज में पाश्चात्य प्रभाव और पारंपरिक मूल्यों के बीच के टकराव को भी बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया।
आज भी क्यों खास है ये शो
इस धारावाहिक की सबसे बड़ी ताकत इसका परिपक्व लेखन और यथार्थ के करीब कहानी थी। दोस्ती, समझदारी और जीवन के उतार-चढ़ाव को जिस तरह दिखाया गया, वह आज भी दर्शकों को जोड़ता है।
यह शो सिर्फ मनोरंजन नहीं था, बल्कि उस दौर के युवाओं की सोच और समाज में हो रहे बदलाव का आईना भी था। यही वजह है कि तीन दशक बाद भी इसे याद किया जाता है। IMDb पर इसे 6.6 की रेटिंग मिली है।