दिल्ली एयरपोर्ट पर दो विमानों की टक्कर, स्पाइसजेट-आकासा एयर को नुकसान; DGCA जांच शुरू

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नई दिल्ली, भारत: गुरुवार दोपहर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर स्पाइसजेट और आकासा एयर के दो वाणिज्यिक विमानों के बीच जमीन पर टक्कर हो गई, जिसके बाद नियामक जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना में दोनों विमानों को नुकसान हुआ।

यह घटना लगभग दोपहर 2:15 बजे टर्मिनल-1 पर हुई। इसमें लेह से आए स्पाइसजेट के बोइंग 737-700 (VT-SLB) और दिल्ली से हैदराबाद जाने वाली आकासा एयर की बोइंग 737 MAX 8 (फ्लाइट QP1406) शामिल थे।

भारतीय विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, स्पाइसजेट का विमान लैंडिंग के बाद अपने निर्धारित पार्किंग बे की ओर टैक्सी कर रहा था, तभी उसके दाहिने विंगलेट ने आकासा एयर के विमान के बाएं हॉरिजॉन्टल स्टेबलाइज़र (टेल हिस्से) को टक्कर मार दी।

आकासा एयर का विमान पहले ही पुशबैक होकर इंजन स्टार्ट के लिए तैयार स्थिति में खड़ा था और टक्कर के समय स्थिर था।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि स्पाइसजेट विमान को एयर ट्रैफिक कंट्रोल से बे नंबर 106 की ओर जाने की अनुमति मिली थी और उसने दूरी बनाए रखने की पुष्टि भी की थी। हालांकि, मोड़ लेते समय कथित तौर पर बिना विंग वॉकर की अनुमति के टर्न लिया गया, जिससे दोनों विमानों के बीच टक्कर हो गई।

फ्लाइट डेटा और शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, स्पाइसजेट विमान गेट की ओर जा रहा था, जबकि आकासा एयर का विमान पुशबैक के बाद टेकऑफ की तैयारी में था।

इस टक्कर में दोनों विमानों को स्पष्ट रूप से नुकसान हुआ:

  • स्पाइसजेट: दाहिना विंगलेट क्षतिग्रस्त
  • आकासा एयर: बायां हॉरिजॉन्टल स्टेबलाइज़र क्षतिग्रस्त

टक्कर के बाद स्पाइसजेट का विंगलेट कुछ समय के लिए आकासा विमान के टेल हिस्से में फंस गया था।

इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। आकासा एयर के सभी यात्रियों और क्रू को सुरक्षित उतार लिया गया और हैदराबाद जाने वाले यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई।

स्पाइसजेट ने इसे “टैक्सी करते समय हुई ग्राउंड घटना” बताया है और अपने विमान को जांच के लिए सेवा से हटा लिया है।

आकासा एयर ने कहा कि उनका विमान उस समय स्थिर था और घटना के बाद सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इस जांच में ग्राउंड हैंडलिंग, एयर ट्रैफिक कंट्रोल निर्देश, विमान दूरी मानक और टैक्सी समन्वय प्रक्रियाओं की समीक्षा की जाएगी।

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