मुरादनगर में उबाल: बांग्लादेश में हिंदू युवक की हत्या के खिलाफ गौरक्षकों का प्रचंड प्रदर्शन

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों और हाल ही में एक हिंदू युवक की निर्मम हत्या की गूंज अब उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद तक पहुँच गई है। आज शनिवार, 27 दिसंबर 2025 को गाजियाबाद के मुरादनगर कस्बे में विभिन्न हिंदू संगठनों और गौरक्षकों ने सड़कों पर उतरकर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर के मुख्य चौराहों पर नारेबाजी करते हुए बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। इस दौरान गौरक्षकों ने बांग्लादेश का पुतला फूंका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से वहां के हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन के कारण दिल्ली-मेरठ मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ, जिससे प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से ही कट्टरपंथी तत्व चुन-चुनकर हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं और वहां की सरकार इन घटनाओं को रोकने में पूरी तरह विफल रही है। मुरादनगर में एकत्रित हुए गौरक्षक दल के नेताओं ने कहा कि सीमा पार हिंदू भाइयों के खून की होली खेली जा रही है और भारत के नागरिक इसे चुपचाप नहीं देख सकते। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह बांग्लादेश पर कूटनीतिक दबाव बनाए ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके। प्रदर्शन के दौरान “हिंदू एकता जिंदाबाद” और “बांग्लादेशी हिंसा बंद करो” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा, जिससे स्थानीय लोगों में भी इस संवेदनशील मुद्दे के प्रति गहरी संवेदनाएं देखी गईं।
सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने मुरादनगर और आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की और ज्ञापन लेकर उन्हें उचित माध्यम से सरकार तक पहुँचाने का आश्वासन दिया। मुरादनगर में हुई इस विरोध सभा ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि पड़ोसी देश में हो रही धार्मिक हिंसा का भारतीय समाज पर गहरा भावनात्मक प्रभाव पड़ रहा है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा नहीं रुकी, तो वे अपने विरोध प्रदर्शन को और भी व्यापक रूप देंगे। फिलहाल, क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में बनी हुई है।



