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संचार साथी ऐप पर संसद में प्राइवेसी का मुद्दा: विपक्ष का हंगामा, सरकार की सफाई

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल पर विपक्ष ने निजता (Privacy) और डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए हंगामा किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह ऐप नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी तक पहुँच बना रहा है, जिससे उनकी निजता का उल्लंघन हो रहा है।

  • विपक्ष के सवाल: विपक्षी सांसदों ने तर्क दिया कि ‘संचार साथी’ पोर्टल, जिसे खोए हुए या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने और खरीदने से पहले फोन की वास्तविकता की जांच करने के लिए लॉन्च किया गया था, अब व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है। उनका मुख्य संदेह यह था कि यह प्लेटफॉर्म नागरिकों के टेलीकॉम डेटा और पहचान विवरण को कैसे संसाधित (Process) और सुरक्षित करता है।
  • प्राइवेसी की चिंता: विपक्ष ने आशंका जताई कि सरकार इस ऐप का उपयोग लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखने या उनके डेटा का दुरुपयोग करने के लिए कर सकती है, जो निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।
  • सरकार की सफाई: इन आरोपों के जवाब में, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Communications and IT) ने संसद में सफाई दी। सरकार ने जोर देकर कहा कि:
    1. पोर्टल का एकमात्र उद्देश्य धोखाधड़ी (Fraud) को रोकना और नागरिकों के खोए या चोरी हुए फोन को ट्रैक करना है।
    2. यह पोर्टल निजता-केंद्रित (Privacy-Centric) तरीके से काम करता है और नागरिकों के डेटा को सुरक्षित रखने के लिए कड़े साइबर सुरक्षा उपाय किए गए हैं।
    3. डेटा का उपयोग केवल कानूनी और अधिकृत उद्देश्यों के लिए किया जाता है, और किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत निगरानी का कोई इरादा नहीं है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह ऐप सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) सिस्टम का हिस्सा है, जो देश भर में चोरी या खोए हुए मोबाइलों को सभी नेटवर्क पर ब्लॉक करने में मदद करता है। यह कदम फर्जी कनेक्शन लेने वाले फ्रॉडस्टर्स पर नकेल कसने के लिए उठाया गया है।

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