
हिंदी सिनेमा के दिग्गज गायक किशोर कुमार को अपने पहले बड़े हिट गाने के लिए करीब 21 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा था। उन्होंने अपने सिंगिंग करियर की शुरुआत 1948 में फिल्म जिद्दी के गाने “मरने की दुआएं क्यों मांगूं…” से की थी, जो अभिनेता देव आनंद पर फिल्माया गया था। हालांकि, इस गाने के बाद भी उन्हें तुरंत बड़ी सफलता नहीं मिल पाई।
शुरुआती दौर में किशोर कुमार ने एक्टिंग में भी हाथ आजमाया, लेकिन वहां भी उन्हें खास कामयाबी नहीं मिली। धीरे-धीरे समय बीतता गया, लेकिन न तो अभिनय में और न ही गायिकी में उन्हें वह पहचान मिल रही थी, जिसकी उन्हें तलाश थी।
फिर आया साल 1969, जिसने उनकी किस्मत बदल दी। राजेश खन्ना की फिल्म आराधना रिलीज हुई और इसी फिल्म का गाना “मेरे सपनों की रानी…” किशोर कुमार के करियर का टर्निंग पॉइंट बन गया। यह गीत जबरदस्त हिट साबित हुआ और इसके साथ ही किशोर कुमार रातोंरात संगीत जगत के सुपरस्टार बन गए।
इतना ही नहीं, इसी फिल्म का गाना “रूप तेरा मस्ताना…” भी बेहद लोकप्रिय हुआ। राजेश खन्ना की आवाज बनकर किशोर कुमार ने एक अलग पहचान बनाई और इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आगे चलकर उन्होंने अमिताभ बच्चन समेत कई बड़े सितारों के लिए अपनी आवाज दी।
करीब चार दशकों के अपने करियर में किशोर कुमार ने 16 हजार से ज्यादा गाने गाए, जिनमें हिंदी, बंगाली और कई अन्य भाषाएं शामिल हैं। अपनी शानदार गायिकी के चलते उन्हें हिंदी सिनेमा के सबसे महान गायकों में गिना जाता है।