
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और जानलेवा शीतलहर (Cold Wave) को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए हैं। गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के जिलाधिकारियों ने आधिकारिक आदेश जारी करते हुए जिले के कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ कॉलेजों को भी 1 जनवरी 2026 तक बंद रखने का निर्देश दिया है। यह फैसला पिछले कुछ दिनों से तापमान में आई भारी गिरावट और सुबह के समय घने कोहरे के कारण बढ़ती दुर्घटनाओं की संभावनाओं को देखते हुए लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश सभी बोर्डों (CBSE, ICSE और UP Board) पर समान रूप से लागू होगा।
मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें रात का तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की आशंका जताई गई है। घने कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम रह गई है, जिससे स्कूल बसों और निजी वाहनों से आने वाले छात्रों के लिए सड़क यात्रा जोखिम भरी हो गई थी। शीतलहर के इस प्रकोप के कारण बच्चों में निमोनिया और वायरल संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे थे, जिसे देखते हुए अभिभावक संघ ने भी छुट्टियां बढ़ाने की मांग की थी। जिलाधिकारी के आदेशानुसार, यदि कोई शिक्षण संस्थान इन आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ महामारी अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे इस अवकाश के दौरान यदि संभव हो तो ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन कर सकते हैं, ताकि छात्रों की पढ़ाई का नुकसान न हो। हालांकि, विशेष रूप से प्ले-ग्रुप से लेकर आठवीं तक के बच्चों के लिए किसी भी तरह की शारीरिक उपस्थिति पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए स्कूल आने के नियम संबंधित स्कूल प्रबंधन तय करेंगे। स्थानीय प्रशासन ने बेघर लोगों के लिए रैन बसेरों की व्यवस्था पुख्ता कर दी है और चौराहों पर अलाव जलाने के निर्देश दिए हैं। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़ों का उपयोग करें।



