वायु प्रदूषण और कोहरे का कहर: फ्लाइट्स और रेल सेवाओं पर असर

दिल्ली-एनसीआर (National Capital Region) में घने कोहरे और खतरनाक स्तर पर पहुँचे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के संयुक्त प्रकोप ने सामान्य जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इन दोनों मौसमी और पर्यावरणीय कारकों के कारण, सुबह के समय दृश्यता (Visibility) बहुत कम हो गई है, जिससे दिल्ली और आसपास के इलाकों में यातायात और परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हवाई अड्डे और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी जा रही है, क्योंकि कई सेवाओं को रद्द या पुनर्निर्धारित करना पड़ा है। यह स्थिति हर साल सर्दी के मौसम में एक बड़ी चुनौती बन जाती है।
इस ख़राब मौसम और प्रदूषण के चलते ट्रेनों और फ्लाइट्स के संचालन पर सीधा असर पड़ा है। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) के अलावा, हिंडन एयरपोर्ट (गाजियाबाद) से संचालित होने वाली कुछ उड़ानों को भी स्थगित (Postponed) करना पड़ा। इसी तरह, उत्तर रेलवे (Northern Railway) की कई लंबी दूरी की ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को कड़ाके की ठंड में स्टेशन पर इंतज़ार करना पड़ रहा है। कम दृश्यता के कारण पायलटों और लोको पायलटों को संचालन में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है, जिससे गति धीमी हो जाती है।
दिल्ली-एनसीआर के इन गंभीर हालात पर सुप्रीम कोर्ट ने भी संज्ञान लिया है और वायु प्रदूषण की स्थिति को ‘बहुत खराब’ करार दिया है। कोर्ट ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए राज्य और केंद्र सरकारों को तत्काल और ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। खतरनाक AQI, जो कई बार 400 के आंकड़े को पार कर जाता है, लोगों के स्वास्थ्य, खासकर श्वसन संबंधी रोगों (Respiratory Illnesses) के लिए एक गंभीर खतरा बना हुआ है। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करती है।



