चक्रवात ‘दित्वा’ से श्रीलंका में भारी तबाही: 600 से अधिक मौतें, भारत ने शुरू किया ‘ऑपरेशन सागर बंधु’

चक्रवात ‘दित्वा’ के श्रीलंका से टकराने के बाद देश में व्यापक तबाही का मंजर सामने आया है, जहाँ मूसलाधार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण 607 से अधिक लोगों की मौत हो गई है, जबकि 214 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। यह चक्रवात नवंबर के अंत में श्रीलंका के तट से टकराया था, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए और देश के बुनियादी ढाँचे को गंभीर क्षति पहुँची है। देश भर के 25 जिलों में से 14 लाख से अधिक निवासी इस राष्ट्रीय आपदा से जूझ रहे हैं, जिससे चिकित्सा, भोजन और आवास का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
मानवीय संकट की गंभीरता को देखते हुए, भारत ने अपने ‘पड़ोसी प्रथम’ (Neighbourhood First) नीति के तहत श्रीलंका को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ नामक एक व्यापक राहत मिशन शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत, भारतीय नौसेना के जहाजों और वायुसेना के विशेष विमानों (C-130J, C-17) द्वारा 53 टन से अधिक राहत सामग्री जैसे खाद्य आपूर्ति, दवाइयाँ, टेंट, कंबल और चिकित्सा उपकरण कोलंबो पहुँचाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, भारत ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की विशेष खोज और बचाव टीमें तथा सैन्य मेडिकल टीम भी तैनात की हैं। ये टीमें स्थानीय एजेंसियों के साथ मिलकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से फंसे हुए लोगों को बचाने और चिकित्सा सहायता प्रदान करने का कार्य कर रही हैं, जो दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है।



