ईरान संकट: अमेरिका ने जारी की ‘लेवल-4’ ट्रैवल एडवाइजरी, नागरिकों को तत्काल देश छोड़ने का निर्देश

ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के और अधिक खतरनाक होने की आशंका के बीच, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक सख्त ‘ट्रैवल एडवाइजरी’ जारी की है। वाशिंगटन ने ईरान में मौजूद अपने सभी नागरिकों को उपलब्ध व्यावसायिक साधनों का उपयोग कर तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि ईरान में सुरक्षा स्थिति अत्यंत अस्थिर है और वहां अपहरण, मनमानी गिरफ्तारी और प्रदर्शनों के दौरान होने वाली गोलाबारी का गंभीर खतरा है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों में अमेरिकी सरकार के लिए वहां अपने नागरिकों को कांसुलर सहायता प्रदान करना लगभग असंभव हो गया है, क्योंकि दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं।
यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब ईरान के सुरक्षा बल (IRGC) प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग कर रहे हैं, जिसमें अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। अमेरिका ने आरोप लगाया है कि ईरानी प्रशासन विदेशी नागरिकों को ‘राजनीतिक मोहरे’ के रूप में इस्तेमाल करने के लिए निशाना बना सकता है। प्रदर्शनों का दायरा अब तेहरान की गलियों से निकलकर महत्वपूर्ण तेल क्षेत्रों और सरकारी प्रतिष्ठानों तक फैल गया है। नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि यदि ईरान ने अमेरिकी नागरिकों को नुकसान पहुँचाया, तो अमेरिका “कठोर और निर्णायक” जवाबी कार्रवाई करेगा, जिससे क्षेत्र में पूर्ण सैन्य संघर्ष का खतरा बढ़ गया है।
ईरान ने अमेरिका की इस एडवाइजरी को “मनोवैज्ञानिक युद्ध” और अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करार दिया है। हालांकि, केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों ने भी अपने नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने की चेतावनी दी है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि हिरासत में लिए गए 10,000 से अधिक लोगों में कई दोहरी नागरिकता वाले व्यक्ति भी शामिल हैं, जिन्हें जासूसी के झूठे आरोपों में फंसाया जा सकता है। मौजूदा गतिरोध ने वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला और मध्य-पूर्व की स्थिरता पर संकट के बादल और गहरे कर दिए हैं। पूरी दुनिया की नजरें अब ईरान के अगले कदम और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।



