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गाजा में तबाही जारी: मरने वालों की संख्या 70,000 पार, इजरायल कर रहा हमास के ठिकाने तबाह

इजरायल और हमास के बीच जारी संघर्ष अब एक गंभीर मानवीय संकट का रूप ले चुका है। इजरायली रक्षा बल (IDF) हमास के हर ठिकाने और आतंकवादी बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से नष्ट करने के लिए तीव्र और लगातार हमले कर रहे हैं। इन हमलों के कारण गाजा पट्टी में मरने वालों की संख्या 70,000 के चिंताजनक आंकड़े को पार कर गई है।
- मौतों का आंकड़ा: गाजा में हमास-नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से मारे गए फिलिस्तीनियों की कुल संख्या 70,100 तक पहुँच गई है।
- हमलों की तीव्रता: इजरायली सेना का कहना है कि वे हमास के आतंकवादियों और उनकी सैन्य क्षमताओं को निशाना बना रहे हैं, जिनमें सुरंगों का जाल और कमांड सेंटर शामिल हैं।
- मलबे से शव: स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, हाल ही में दर्ज की गई मौतों में से अधिकांश वे शव हैं जो पुराने हमलों के मलबे के नीचे लंबे समय से दबे हुए थे और अब उन्हें बाहर निकाला जा रहा है।
- मानवीय संकट: भारी बमबारी के कारण गाजा पट्टी गहरे मानवीय संकट से जूझ रही है। अस्पतालों, स्कूलों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे विस्थापन और भुखमरी की स्थिति गंभीर हो गई है।
- युद्धविराम के बाद भी मौतें: मंत्रालय ने यह भी बताया है कि 10 अक्टूबर को युद्धविराम लागू होने के बाद भी इजरायली गोलीबारी और हमलों में 350 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं।
- इजरायल का रुख: इजरायल, जिसने अक्सर गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है, लगातार दावा करता रहा है कि वह अंतर्राष्ट्रीय कानूनों का पालन करते हुए केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बना रहा है।
यह संघर्ष वैश्विक स्तर पर तीव्र चिंता का विषय बना हुआ है, और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय स्थायी संघर्षविराम की मांग कर रहा है।



