
भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तत्वावधान में देश को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से एक सघन 100 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत, देश के कई राज्यों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सके। इस अभियान का मुख्य ध्यान बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है, जिसे ‘विकसित भारत @ 2047’ के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आधारभूत और अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है।
मंत्रालय का मानना है कि जब तक देश की आधी आबादी (महिलाएँ) पूरी तरह से शिक्षित, स्वस्थ और सुरक्षित नहीं होगी, तब तक आर्थिक और सामाजिक विकास की गति धीमी रहेगी। जागरूकता कार्यक्रमों में सामुदायिक संवाद, कानूनी प्रावधानों की जानकारी, और लैंगिक समानता पर जोर दिया जा रहा है। यह पहल न केवल लड़कियों को उनके अधिकारों के प्रति सशक्त करती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करती है कि वे कम उम्र में विवाह के बजाय अपनी शिक्षा पूरी करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान दें।



