वैष्णो देवी यात्रा: नए साल पर उमड़ेगी भीड़, श्राइन बोर्ड ने कड़े किए नियम

नए साल 2026 के स्वागत के लिए माता वैष्णो देवी के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आज बुधवार, 24 दिसंबर 2025 को बोर्ड ने स्पष्ट किया कि दर्शनार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘आरएफआईडी’ (RFID) कार्ड सिस्टम में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब कटड़ा के पंजीकरण केंद्रों से RFID कार्ड प्राप्त होने के 10 घंटे के भीतर यात्रा शुरू करना अनिवार्य होगा। पहले यह समय सीमा 12 घंटे थी, जिसे अब घटाकर कड़ा कर दिया गया है। यदि कोई श्रद्धालु इस निर्धारित समय सीमा के भीतर बाणगंगा चेकपोस्ट पार नहीं करता है, तो उसका कार्ड अमान्य कर दिया जाएगा।
श्राइन बोर्ड ने यात्रा पूरी करने के लिए भी एक ‘टाइम स्लॉट’ तय किया है। नए नियमों के अनुसार, श्रद्धालुओं को यात्रा शुरू करने के 24 घंटे के भीतर दर्शन कर वापस कटड़ा (बेस कैंप) लौटना होगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि भवन परिसर और अर्धकुंवारी जैसे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर श्रद्धालुओं का ठहराव कम किया जा सके और भगदड़ जैसी किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि ये नियम सभी पर लागू होंगे, चाहे यात्री पैदल चल रहे हों या हेलीकॉप्टर, बैटरी कार या खच्चर की सुविधा का उपयोग कर रहे हों।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी बोर्ड ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। भवन से लेकर कटड़ा तक पूरे मार्ग पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे और हैंडहेल्ड आरएफआईडी स्कैनर तैनात किए गए हैं। बिना वैध कार्ड के किसी भी व्यक्ति को बाणगंगा से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही, 30 दिसंबर से 2 जनवरी के बीच प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या को विनियमित (Regulate) किया जाएगा। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा का पंजीकरण ऑनलाइन कराएं और कटड़ा पहुँचते ही जल्द से जल्द अपना फिजिकल कार्ड प्राप्त करें। खराब मौसम और कड़ाके की ठंड को देखते हुए, बोर्ड ने पर्याप्त गरम कपड़े और चिकित्सा सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबरों को भी अपडेट किया है।



