
कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने केरल दौरे के अगले चरण में 7 मार्च 2026 को तिरुवनंतपुरम स्थित देश के पहले और सबसे बड़े आईटी पार्क, ‘टेक्नोपार्क’ (Technopark) पहुँच रहे हैं। यहाँ वे ‘आईटी मिशन’ के तहत 150 से अधिक सॉफ्टवेयर इंजीनियरों, स्टार्टअप संस्थापकों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ एक विशेष संवाद सत्र में हिस्सा लेंगे। रील हुक “भारत का भविष्य: कोड, कैंपस और कांग्रेस” के साथ इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केरल के युवाओं को वैश्विक तकनीकी दौड़ में आगे रखने के लिए एक विजन तैयार करना है। राहुल गांधी इस दौरान एआई (AI), डेटा प्राइवेसी और ‘गिग इकोनॉमी’ (Gig Economy) में काम करने वाले युवाओं की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करेंगे।राहुल गांधी का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि केरल सरकार ने हाल ही में ‘आईटी पॉलिसी 2026’ को मंजूरी दी है, जिसमें 5 लाख नई नौकरियां और 20,000 स्टार्टअप्स का लक्ष्य रखा गया है। राहुल टेक्नोपार्क में स्टार्टअप संस्थापकों के साथ इस पर मंथन करेंगे कि कैसे ‘बौद्धिक संपदा’ (Intellectual Property) और नवाचार के क्षेत्र में केरल को सिलिकॉन वैली का मुकाबला करने के लिए तैयार किया जा सकता है। उन्होंने हाल के दिनों में भारत के ‘एआई मिशन’ को केवल “पीआर स्टंट” (PR Spectacle) बताते हुए सरकार को घेरा था, और अब वे केरल के इस मंच से तकनीक के “लोकतांत्रिक वितरण” (Democratic Distribution) का अपना वैकल्पिक मॉडल पेश करेंगे।इस संवाद सत्र के बाद राहुल गांधी ‘केरल फ्यूचर टेक मिशन’ के तहत कुछ चुनिंदा स्टार्टअप्स के प्रोटोटाइप का निरीक्षण भी करेंगे। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी (तेलंगाना) और केरल के स्थानीय नेताओं के साथ राहुल का यह निरंतर संवाद दक्षिण भारत में कांग्रेस के “प्रो-टेक” (Pro-Tech) चेहरे को निखारने की एक बड़ी कोशिश है। राहुल का मानना है कि केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं, बल्कि छोटे शहरों के स्टार्टअप्स ही भारत की बेरोजगारी की समस्या का स्थायी समाधान निकाल सकते हैं। तिरुवनंतपुरम की यह बैठक न केवल तकनीकी रूप से बल्कि राजनीतिक रूप से भी युवाओं को कांग्रेस के साथ जोड़ने का एक मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकती है।



