
हिमाचल प्रदेश में गहराते वित्तीय संकट के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज, 19 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ उनके कैबिनेट सहयोगी भी इस बैठक में शामिल होंगे। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के बाद राज्य को मिलने वाले ‘राजस्व घाटा अनुदान’ (Revenue Deficit Grant – RDG) के बंद होने से उत्पन्न हुई गंभीर स्थिति पर चर्चा करना है। सीएम सुक्खू पार्टी आलाकमान को राज्य की डगमगाती अर्थव्यवस्था और केंद्र सरकार द्वारा फंड रोके जाने के प्रभावों से अवगत कराएंगे।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने हाल ही में RDG को बंद करने के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसे राज्य सरकार ने “हिमाचल के अस्तित्व पर संकट” बताया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि RDG बंद होने से राज्य को सालाना हजारों करोड़ रुपये का नुकसान होगा, जिससे कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और विकास कार्यों पर बुरा असर पड़ेगा। कांग्रेस आलाकमान के साथ इस बैठक में सुक्खू सरकार इस “वित्तीय अन्याय” के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठाने और भविष्य की रणनीति तैयार करने के लिए समर्थन मांगेगी। भाजपा द्वारा राज्य सरकार पर कुप्रबंधन के आरोपों के बीच यह दौरा सुक्खू के लिए अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति को मजबूत करने का एक प्रयास भी है।
इसके अलावा, बैठक में हिमाचल कांग्रेस के भीतर चल रहे ‘संगठन विस्तार’ और आगामी नगर निकाय चुनावों की तैयारियों पर भी मंथन होने की संभावना है। सुक्खू केंद्र सरकार से आपदा राहत राशि के रूप में लंबित 9,042 करोड़ रुपये की मांग को लेकर भी राहुल गांधी और खड़गे से रणनीतिक मार्गदर्शन लेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक न केवल राज्य की आर्थिक दिशा तय करेगी, बल्कि 2026 के चुनावी वर्ष में हिमाचल कांग्रेस की एकजुटता और केंद्र के खिलाफ उनके कड़े रुख को भी प्रदर्शित करेगी। मुख्यमंत्री ने पहले ही संकेत दिया है कि वे इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी समय मांग रहे हैं।



