
असम की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष Bhupen Borah ने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने अपने इस्तीफे में संगठनात्मक कारणों और व्यक्तिगत निर्णयों का हवाला दिया। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर नेतृत्व और रणनीति को लेकर मतभेद चल रहे थे। बोरा का यह कदम राज्य की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। उनके समर्थकों में भी इस फैसले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
Indian National Congress के लिए यह इस्तीफा एक बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। भूपेन बोरा ने कहा कि उन्होंने लंबे विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह भविष्य में किस राजनीतिक दिशा में कदम बढ़ाएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका इस्तीफा आने वाले चुनावों से पहले समीकरण बदल सकता है।
असम में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पार्टी नेतृत्व ने अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया में कहा है कि वे स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। वहीं, राज्य की सत्ताधारी पार्टी Bharatiya Janata Party ने इस घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए इसे कांग्रेस की आंतरिक कमजोरी का परिणाम बताया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि भूपेन बोरा का अगला राजनीतिक कदम क्या होता है और इसका राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।



