
राजधानी दिल्ली के कई प्रतिष्ठित स्कूलों को एक बार फिर ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। सुबह स्कूल शुरू होने के कुछ ही समय बाद नई दिल्ली और दक्षिण दिल्ली के विभिन्न स्कूलों को ये धमकी भरे संदेश प्राप्त हुए। जैसे ही प्रशासन को इसकी सूचना मिली, तुरंत पुलिस और बम निरोधक दस्ते (BDS) को मौके पर बुलाया गया। आनन-फानन में स्कूलों को खाली कराया गया और डरे-सहमे माता-पिता अपने बच्चों को लेने के लिए स्कूल गेट पर उमड़ पड़े। अधिकारियों के अनुसार, अब तक की जांच में यह एक ‘हॉक्स’ या फर्जी कॉल प्रतीत हो रही है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल और स्पेशल सेल इन धमकियों के स्रोत का पता लगाने में जुटी हुई हैं। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि ये ईमेल रूस या अन्य विदेशी सर्वरों के माध्यम से भेजे गए हो सकते हैं, ताकि भेजने वाले की पहचान छिपाई जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पिछले कुछ महीनों में इस तरह की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिसका उद्देश्य केवल सार्वजनिक शांति भंग करना और दहशत फैलाना है। उपराज्यपाल और दिल्ली सरकार ने इस स्थिति पर कड़ी नजर रखी है और अभिभावकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
इस घटना के बाद दिल्ली के सभी निजी और सरकारी स्कूलों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल को और सख्त कर दिया गया है। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने डिजिटल फुटप्रिंट्स और ईमेल की नियमित निगरानी करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें। विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार मिलने वाली इन फर्जी धमकियों से न केवल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, बल्कि यह सुरक्षा एजेंसियों के संसाधनों पर भी भारी दबाव डाल रहा है। पुलिस अब उन तकनीकी खामियों को दूर करने पर काम कर रही है जिनका फायदा उठाकर अपराधी इस तरह के भ्रामक संदेश भेज रहे हैं।



