
संसद के बजट सत्र के दूसरे दिन आज, 29 जनवरी 2026 को सुबह 11:00 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा और राज्यसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश करेंगी। यह दस्तावेज़ मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन की देखरेख में आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा तैयार किया गया है। सर्वे में चालू वित्त वर्ष के दौरान देश की आर्थिक उपलब्धियों, चुनौतियों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन का विस्तृत विश्लेषण होगा। वित्त मंत्री द्वारा इसे सदन के पटल पर रखे जाने के बाद, दोपहर में मुख्य आर्थिक सलाहकार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, जिसमें वे जीडीपी (GDP) वृद्धि दर और महंगाई के रुझानों पर विस्तार से रोशनी डालेंगे।
प्रारंभिक अनुमानों और अग्रिम आंकड़ों के अनुसार, इस साल के आर्थिक सर्वेक्षण में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.4% से 7.8% के बीच रहने का अनुमान लगाया जा सकता है। यह दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज़ विकास दर होगी। सर्वेक्षण में बताया जा सकता है कि कैसे निजी खपत और सरकारी बुनियादी ढांचा निवेश (Capex) ने विकास को गति दी है। इसके अलावा, सेवा क्षेत्र (Services) में 9.2% और विनिर्माण (Manufacturing) में 9.1% की मजबूत रिकवरी के आंकड़े भी पेश किए जा सकते हैं। महंगाई के मोर्चे पर राहत की खबर मिल सकती है, क्योंकि खुदरा मुद्रास्फीति (CPI) के घटकर 2% से 4% के आरामदायक दायरे में रहने की संभावना है।
आर्थिक सर्वेक्षण में इस बार कृषि क्षेत्र की लचीलापन और ग्रामीण मांग में सुधार पर विशेष अध्याय होने की उम्मीद है। साथ ही, रोजगार के नए आंकड़ों और ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक सुधारों का रोडमैप भी इसमें दिखेगा। निवेशक और बाजार विशेषज्ञ इस सर्वे को इसलिए भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं क्योंकि यह 1 फरवरी को आने वाले बजट की दिशा तय करेगा। राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को कम करने और निर्यात बढ़ाने की सरकार की रणनीतियों पर भी इसमें गहरी चर्चा होगी। यह रिपोर्ट कार्ड न केवल सरकार की पिछली सफलताएं बताएगा, बल्कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत को ‘विश्व की विकास इंजन’ बनाए रखने की भावी चुनौतियों का भी विश्लेषण करेगा।



