NCC पीएम रैली 2026: ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री का संबोधन, युवाओं को बताया ‘विकसित भारत’ का सारथी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, 28 जनवरी 2026 को दिल्ली के करियप्पा परेड ग्राउंड में वार्षिक एनसीसी (NCC) प्रधानमंत्री रैली को संबोधित किया। इस वर्ष की रैली की थीम ‘राष्ट्र प्रथम – कर्तव्यनिष्ठ युवा’ रखी गई है, जो भारत के युवाओं में अनुशासन और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता की भावना को दर्शाती है। प्रधानमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और कैडेटों द्वारा प्रस्तुत “गार्ड ऑफ ऑनर” की सलामी ली। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि NCC केवल एक वर्दीधारी संगठन नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं में चरित्र निर्माण और सेवा भाव जगाने की एक बहुत बड़ी कार्यशाला है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आगामी 25 वर्ष भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इसमें NCC कैडेटों की भूमिका ‘अमृत पीढ़ी’ के रूप में निर्णायक होगी।
इस रैली में देश भर के 17 निदेशालयों से आए कुल 2,406 कैडेटों ने हिस्सा लिया, जिनमें 898 महिला कैडेट शामिल थीं। प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति के बढ़ते प्रतिनिधित्व की सराहना करते हुए कहा कि आज बेटियां रक्षा से लेकर अंतरिक्ष तक हर क्षेत्र में बाधाओं को तोड़ रही हैं। रैली में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना को साकार करते हुए 21 मित्र देशों के 207 युवाओं और अधिकारियों ने भी शिरकत की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान कैडेटों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘वाइब्रेंट विलेज’ जैसे विषयों पर झांकियां प्रस्तुत कीं, जिसमें राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सेवा में युवाओं के योगदान को जीवंत रूप में दिखाया गया। पीएम ने ‘अमृत काल’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए युवाओं से शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत रहने का आह्वान किया।
संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने NCC कैडेटों को देश की “दूसरी रक्षा पंक्ति” बताते हुए उनके द्वारा किए गए ‘पुनीत सागर अभियान’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के प्रचार-प्रसार की प्रशंसा की। उन्होंने कैडेटों को ‘यंग लीडर्स’ के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि उनका अनुशासन और फोकस उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में—चाहे वे डॉक्टर बनें, इंजीनियर या राजनेता—सफलता दिलाएगा। रैली के अंत में, प्रधानमंत्री ने विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को पदक और छड़ी (Baton) प्रदान कर सम्मानित किया। यह आयोजन न केवल सैन्य कौशल का प्रदर्शन था, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और युवा शक्ति के संकल्प का एक अद्भुत संगम भी था, जिसने दर्शकों को राष्ट्रभक्ति के गौरव से भर दिया।



