इंडिया एनर्जी वीक 2026: पीएम मोदी ने किया $500 बिलियन के निवेश का आह्वान, भारत बनेगा वैश्विक रिफाइनिंग हब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, 27 जनवरी 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चौथे इंडिया एनर्जी वीक का उद्घाटन किया। गोवा के ओएनजीसी (ONGC) एडवांस्ड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में आयोजित इस चार दिवसीय कार्यक्रम में 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 700 से अधिक प्रदर्शक और 75,000 से अधिक ऊर्जा पेशेवर हिस्सा ले रहे हैं। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने घोषणा की कि भारत का ऊर्जा क्षेत्र वर्तमान में $500 बिलियन (लगभग 41 लाख करोड़ रुपये) के निवेश के अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने वैश्विक कंपनियों को ‘मेक इन इंडिया’ और ‘इन्वेस्ट इन इंडिया’ का न्यौता देते हुए कहा कि भारत अब केवल ‘ऊर्जा सुरक्षा’ नहीं, बल्कि ‘ऊर्जा आत्मनिर्भरता’ के मिशन पर आगे बढ़ रहा है।
इस आयोजन के दौरान पीएम मोदी ने एक बहुत बड़ा ऐलान करते हुए भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच होने वाले मुक्त व्यापार समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यह समझौता दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच तालमेल का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो वैश्विक जीडीपी के 25% हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। प्रधानमंत्री ने तेल और गैस क्षेत्र में 2030 तक $100 बिलियन के निवेश का लक्ष्य रखा है और भारत की रिफाइनिंग क्षमता को 260 मिलियन टन से बढ़ाकर 300 मिलियन टन प्रति वर्ष करने की योजना साझा की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा तेल रिफाइनिंग हब बनकर उभरेगा।
IEW 2026 में इस बार 11 विशेष थीम वाले जोन बनाए गए हैं, जिनमें पहली बार परमाणु ऊर्जा (Nuclear) और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) को भी शामिल किया गया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यह आयोजन भारत की ‘ग्रीन हाइड्रोजन’ और ‘इथेनॉल सम्मिश्रण’ (Ethanol Blending) की सफलताओं को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच है। प्रदर्शनी में हाइड्रोजन, बायोफ्यूल्स और एआई-संचालित ऊर्जा समाधानों पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह कार्यक्रम 30 जनवरी तक चलेगा, जिसमें 47 नेतृत्व सत्र और 550 से अधिक वक्ता ऊर्जा के भविष्य, कार्बन उत्सर्जन कम करने और सस्ती ऊर्जा की उपलब्धता पर मंथन करेंगे।



