गाजियाबाद में मौसम का मिजाज: घने कोहरे से थमी रफ्तार, बारिश ने दी ‘जहरीली हवा’ से बड़ी राहत

गाजियाबाद। और आसपास के दिल्ली-एनसीआर क्षेत्रों में आज सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे सड़कों पर दृश्यता (Visibility) महज 20 से 50 मीटर तक रह गई। इस भारी कोहरे के कारण दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे और एनएच-9 पर वाहनों की गति बेहद धीमी रही। उत्तर प्रदेश परिवहन की कई बसें और लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 3 से 6 घंटे की देरी से चल रही हैं। गाजियाबाद पुलिस ने वाहन चालकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए फॉग लाइट का उपयोग करने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। कोहरे की इस चादर ने न केवल सड़क यातायात बल्कि रेल और हवाई सेवाओं पर भी गहरा असर डाला है।
यातायात की बाधाओं के बीच एक सकारात्मक खबर प्रदूषण के मोर्चे पर आई है। हाल ही में हुई हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं के चलते गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी से सुधरकर ‘मध्यम’ श्रेणी में पहुँच गया है। बारिश की बूंदों ने हवा में तैर रहे सूक्ष्म प्रदूषक कणों (PM2.5 और PM10) को जमीन पर बैठा दिया है, जिससे पिछले कई हफ्तों से छाई ‘स्मॉग’ की परत साफ हो गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, लोनी और वसुंधरा जैसे हॉटस्पॉट क्षेत्रों में भी AQI में 100 से 150 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है, जो फेफड़ों के मरीजों और बुजुर्गों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।
मौसम विभाग (IMD) का अनुमान है कि आने वाले दो-तीन दिनों तक कोहरे का यह सिलसिला जारी रह सकता है, क्योंकि हवा में नमी का स्तर काफी अधिक है। हालांकि, प्रदूषण में सुधार के बावजूद कड़ाके की ठंड और शीतलहर (Cold Wave) का प्रकोप बना रहेगा। स्थानीय प्रशासन ने प्रदूषण के स्तर को फिर से बढ़ने से रोकने के लिए ग्रैप (GRAP) के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सुबह के समय कोहरा और प्रदूषण का मिला-जुला असर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए मॉर्निंग वॉक के दौरान सावधानी बरतें। कुल मिलाकर, बारिश ने हवा तो साफ कर दी है, लेकिन कोहरे और ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।



