अमित शाह का अंडमान दौरा: सुरक्षा और विकास पर उच्च स्तरीय मंथन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज, 2 जनवरी 2026 से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के तीन दिवसीय रणनीतिक दौरे पर पहुँच रहे हैं। उनके इस दौरे का मुख्य केंद्र संसदीय सलाहकार समिति (Consultative Committee) की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करना है। मस्कट से लौट रहे प्रधानमंत्री के बाद, गृह मंत्री का यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और रणनीतिक मजबूती के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्री विजयपुरम (पोर्ट ब्लेयर) पहुँचने पर उपराज्यपाल एडमिरल डी.के. जोशी (रिटायर्ड) उनका स्वागत करेंगे। इस दौरे में उनके साथ देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, जो द्वीप समूह की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे।
दौरे के दूसरे दिन, यानी 3 जनवरी को अमित शाह वांडूर में गृह मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समिति के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे। इस बैठक में द्वीप समूह के बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल कनेक्टिविटी और बंदरगाहों के आधुनिकीकरण जैसे संवेदनशील विषयों पर निर्णय लिए जाने की संभावना है। इसके अतिरिक्त, वे डॉ. बी.आर. अंबेडकर प्रौद्योगिकी संस्थान (DBRAIT) में ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भी हिस्सा लेंगे। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान भी इस दौरान वहां मौजूद रहेंगे, जो कार निकोबार और अंडमान-निकोबार कमांड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रणनीतिक संवाद करेंगे।
यह दौरा केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ‘ग्लोबल साउथ’ में भारत की रक्षा क्षमताओं को प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम भी है। गृह मंत्री का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि अंडमान और निकोबार न केवल पर्यटन का केंद्र बने, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की पहली पंक्ति के रूप में भी सुदृढ़ रहे। बैठक के दौरान 100% नवीकरणीय ऊर्जा (सौर और पवन ऊर्जा) के लक्ष्यों पर भी चर्चा होगी। 4 जनवरी को अपनी यात्रा संपन्न कर गृह मंत्री वापस दिल्ली लौटेंगे। यह यात्रा द्वीपवासियों के कल्याण और सीमा सुरक्षा के बीच एक बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।



