
आज, 17 दिसंबर 2025 को भूटान अपना 118वां राष्ट्रीय दिवस अत्यंत हर्षोल्लास और गर्व के साथ मना रहा है। यह दिन भूटान के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह देश के पहले राजा, ड्रुक ग्यालपो उग्येन वांगचुक के 1907 में हुए राज्याभिषेक की याद दिलाता है। आज ही के दिन भूटान में वंशानुगत राजशाही की स्थापना हुई थी, जिसने देश को स्थिरता, शांति और एकता के सूत्र में पिरोया। थिम्पू के चांगलिमिथांग स्टेडियम सहित पूरे देश में भव्य समारोहों का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ नागरिक अपनी पारंपरिक वेशभूषा ‘घो’ और ‘कीरा’ में सज-धज कर अपनी संस्कृति का प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस गौरवशाली अवसर पर भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए अपने राजाओं के दूरदर्शी नेतृत्व और उन मूल्यों को याद किया जो भूटान को विश्व में एक विशिष्ट पहचान दिलाते हैं। राष्ट्रीय दिवस समारोह में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक नृत्य और तीरंदाजी (भूटान का राष्ट्रीय खेल) की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। यह दिन न केवल पिछले 118 वर्षों की उपलब्धियों का जश्न मनाने का है, बल्कि देश की संप्रभुता और ‘ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस’ (सकल राष्ट्रीय प्रसन्नता) के संकल्प को दोहराने का भी है।
भारत और भूटान के बीच अटूट संबंधों को देखते हुए, भारतीय नेतृत्व ने भी इस अवसर पर भूटान को अपनी हार्दिक बधाई प्रेषित की है। भूटान का राष्ट्रीय दिवस पड़ोसी देशों के साथ उसके प्रगाढ़ मित्रतापूर्ण संबंधों को भी उजागर करता है। आज के आधुनिक दौर में भी अपनी प्राचीन परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भूटान की प्रतिबद्धता पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है। यह 118वीं वर्षगांठ भूटान की गौरवशाली विकास यात्रा और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक समृद्ध और शांतिपूर्ण भविष्य के निर्माण की दिशा में एक नया मील का पत्थर साबित हो रही है।



