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गोवा नाइट क्लब अग्निकांड: 25 मौतें, अधिकारी निलंबित और राज्यव्यापी सुरक्षा ऑडिट के निर्देश

गोवा के एक नाइट क्लब में हुए भीषण अग्निकांड में कम से कम 25 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद, राज्य सरकार ने तत्काल और सख्त कार्रवाई करते हुए कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह त्रासदी तब हुई जब उत्तरी गोवा के अरपोरा स्थित ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में देर रात आग लग गई, जिसके पीछे इलेक्ट्रिक पटाखों और सुरक्षा मानदंडों की घोर अवहेलना को शुरुआती कारण माना जा रहा है। मरने वालों में क्लब के अधिकांश कर्मचारी और कुछ पर्यटक शामिल हैं, जिनकी मौत का मुख्य कारण धुएं से दम घुटना बताया गया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने गोवा के पर्यटन और नाइटलाइफ उद्योग में सुरक्षा मानकों पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। प्रारंभिक जाँच में पाया गया है कि क्लब के पास फायर सेफ्टी NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं था और वह घोर सुरक्षा उल्लंघनों के बावजूद संचालित हो रहा था।

जनता के आक्रोश और मामले की गंभीरता को देखते हुए, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और क्लब के प्रबंधन के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मालिकों के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, उन तीन वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने के बावजूद क्लब को 2023 में संचालन की अनुमति दी थी। सरकार ने एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए एक जांच समिति का भी गठन किया है।

इस त्रासदी को रोकने में हुई लापरवाही के बाद, गोवा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के सभी नाइट क्लबों, रेस्तरां, बार और उच्च फुटफॉल वाले अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए सुरक्षा ऑडिट (Safety Audit) के सख्त निर्देश जारी किए हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है, जिसमें सभी प्रतिष्ठानों को फायर सेफ्टी, बिजली सुरक्षा और निकासी मार्गों को बाधारहित रखने जैसे कड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है। सात दिनों के भीतर आंतरिक सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है, और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रतिष्ठान को बंद करने, लाइसेंस रद्द करने और कानूनी अभियोजन की कड़ी चेतावनी दी गई है। यह कदम सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि भविष्य में ऐसी भयानक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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