इंडिगो संकट पर केंद्र का बड़ा एक्शन: ‘फेयर कैप’ लागू और उच्च-स्तरीय जाँच समिति गठित

इंडिगो एयरलाइंस (IndiGo Airlines) के परिचालन में आई गंभीर बाधाओं के कारण यात्रियों को हुई अभूतपूर्व परेशानी और देश भर में सैकड़ों उड़ानों के रद्द होने की घटना पर केंद्र सरकार ने तत्काल और कड़ा एक्शन लिया है। विमानन नियामक संस्थाओं से विस्तृत रिपोर्ट तलब करने के बाद, सरकार ने यात्रियों के हितों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सभी घरेलू रूट्स पर हवाई किराए पर ‘फेयर कैप’ (Fare Cap) लागू करने का आदेश दिया है। इस कैपिंग का उद्देश्य संकट की इस घड़ी में एयरलाइंस द्वारा मनमानी कीमतों पर टिकट बेचने की प्रवृत्ति पर लगाम लगाना है, जिससे फंसे हुए यात्रियों को अत्यधिक भुगतान न करना पड़े। इसके साथ ही, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पूरे मामले की तह तक जाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए एक उच्च-स्तरीय जाँच समिति गठित करने का भी निर्देश दिया है। यह समिति परिचालन में अनियमितताओं, चालक दल (Crew) की उपलब्धता, और एयरलाइंस की संकट प्रबंधन प्रणाली की गहन समीक्षा करेगी। यह सरकारी हस्तक्षेप स्पष्ट करता है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और यह एयरलाइन क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। सरकार की मंशा है कि इस एक्शन से न केवल तात्कालिक संकट का समाधान हो, बल्कि भारतीय विमानन क्षेत्र के लिए एक मजबूत नियामक ढाँचा तैयार हो सके।



