अमेरिका में वर्क परमिट नियमों में बदलाव: भारतीयों पर सीधा असर

अमेरिकी नागरिकता और इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज़ (EAD) की अधिकतम वैधता अवधि को 5 साल से घटाकर 18 महीने कर दिया है, जिससे अमेरिका में काम करने वाले लाखों भारतीय पेशेवरों और उनके परिवारों पर सीधा असर पड़ सकता है। यह फैसला मुख्य रूप से शरणार्थियों, शरण चाहने वालों (Asylum Seekers) और ग्रीन कार्ड के फैसले का इंतजार कर रहे आवेदकों को प्रभावित करेगा, जिनमें कई भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जो एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस (I-485) के लंबित मामलों के आधार पर EAD प्राप्त करते हैं। USCIS का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य सुरक्षा जांच (Vetting) की आवृत्ति को बढ़ाना है, ताकि सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा बनने वाले व्यक्तियों की अधिक नियमित रूप से समीक्षा की जा सके। यह नीतिगत बदलाव 5 दिसंबर 2025 या उसके बाद फाइल किए गए या लंबित सभी I-765 (EAD) आवेदनों पर तुरंत लागू होता है। इस बदलाव से आवेदकों को अधिक बार नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा, जिससे प्रशासनिक बोझ बढ़ेगा और वर्क परमिट की वैधता समाप्त होने पर रोजगार छूटने का खतरा पैदा होगा, खासकर उन भारतीयों के लिए जो लंबे समय से ग्रीन कार्ड बैकलॉग का सामना कर रहे हैं।



