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पुतिन का भारत दौरा: PM मोदी से ‘गहरी दोस्ती’ और ‘मेगा डील्स’ पर जोर

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी आगामी भारत यात्रा (4-5 दिसंबर) से पहले एक बड़े एजेंडे पर हैं, जिसका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दशकों पुरानी दोस्ती को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। पुतिन ने इस दौरे को लेकर अपनी उत्सुकता व्यक्त की है और कहा है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करेगी।
- यात्रा का उद्देश्य: पुतिन की यह यात्रा 23वीं भारत-रूस द्विपक्षीय शिखर बैठक के लिए हो रही है और यह 2022 के बाद उनकी पहली भारत यात्रा है।
- दोस्ती पर बयान: क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने भारत-रूस के संबंधों को सिर्फ व्यापार समझौतों का सेट नहीं, बल्कि “बहुत गहरे और ऐतिहासिक” बताते हुए गहरी दोस्ती पर जोर दिया है।
- मेगा डिफेंस डील: एजेंडे में सबसे ऊपर रक्षा सहयोग है। भारत रूस से अतिरिक्त S-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम रेजिमेंट खरीदने पर विचार कर रहा है, साथ ही रूस ने भारत को अपना उन्नत Su-57 स्टेल्थ फाइटर जेट भी ऑफर किया है।
- RELOS समझौता: दौरे से ठीक पहले, रूसी संसद ने RELOS (Reciprocal Exchange of Logistics Agreement) समझौते को मंजूरी दे दी है, जो दोनों देशों की सेनाओं को एक-दूसरे की सैन्य सुविधाओं और पोर्ट कॉल्स का उपयोग करने की कानूनी इजाजत देगा।
- आर्थिक सहयोग: पुतिन ने स्पष्ट किया है कि वह पीएम मोदी के साथ आयात, व्यापार और आर्थिक सहयोग पर विस्तार से चर्चा करेंगे, खासकर उन क्षेत्रों में जहां पिछले तीन सालों में व्यापार में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।
- भू-राजनीतिक संदेश: यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पश्चिमी देश भारत पर रूस से संबंध कम करने का दबाव बना रहे हैं। पुतिन की यात्रा अमेरिका और यूरोप को यह स्पष्ट संदेश देती है कि भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखेगा और रूस के साथ अपनी साझेदारी को महत्व देता है।
पुतिन 4 दिसंबर की शाम नई दिल्ली पहुंचेंगे, जहां प्रधानमंत्री मोदी उनके सम्मान में एक निजी रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे।



