
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, 6 मार्च 2026 को राजधानी दिल्ली के परिवहन ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए दिल्ली मेट्रो के 5 नए कॉरिडोर की आधारशिला रखी। ‘भारत मंडपम’ में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान रिमोट का बटन दबाकर उन्होंने फेज-4 के इन विस्तारों का शिलान्यास किया, जिससे दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी को एक नई दिशा मिलेगी। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि “21वीं सदी का भारत ‘गति’ और ‘शक्ति’ का पर्याय बन रहा है,” और दिल्ली मेट्रो की यह नई रफ्तार न केवल यात्रा के समय को कम करेगी बल्कि प्रदूषण के खिलाफ जंग में भी एक बड़ा हथियार साबित होगी। इन नए कॉरिडोर के निर्माण से दिल्ली मेट्रो का जाल अब दूर-दराज के इलाकों तक फैल जाएगा, जिससे लाखों दैनिक यात्रियों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी। दिल्ली की सड़कों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए यह विस्तार एक ‘गेम-चेंजर’ माना जा रहा है।
शिलान्यास किए गए इन 5 नए कॉरिडोर में रिठाला-बवाना-नरेला और लाजपत नगर-साकेत जी-ब्लॉक जैसे महत्वपूर्ण खंड शामिल हैं, जो शहर के औद्योगिक और रिहायशी हब को सीधे जोड़ेंगे। पीएम मोदी ने इस दौरान ‘मेड इन इंडिया’ मेट्रो कोच और स्वदेशी सिग्नलिंग प्रणाली पर विशेष जोर दिया, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को प्रदर्शित करते हैं। उन्होंने बताया कि इन नए विस्तारों में मेट्रो की रफ्तार को बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और ड्राइवरलेस (चालक रहित) परिचालन की व्यवस्था की जाएगी, जिससे दिल्ली दुनिया के सबसे आधुनिक मेट्रो नेटवर्क वाले शहरों की सूची में और ऊपर आ जाएगी। इन गलियारों के बनने के बाद दिल्ली मेट्रो का कुल नेटवर्क 450 किलोमीटर के आंकड़े को पार कर जाएगा, जो लंदन और शंघाई जैसे वैश्विक महानगरों के परिवहन मॉडल को टक्कर देगा। सरकार का लक्ष्य है कि 2028-29 तक इन सभी कॉरिडोर पर मेट्रो का परिचालन शुरू कर दिया जाए।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर यह भी रेखांकित किया कि कैसे ये नए मेट्रो रूट आर्थिक विकास के इंजन बनेंगे और हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेंगे। उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन केवल स्टॉप नहीं होंगे, बल्कि वे ‘मल्टी-मोडल हब’ के रूप में विकसित किए जाएंगे जहाँ बस, ऑटो और ई-रिक्शा की कनेक्टिविटी एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगी। पीएम मोदी ने दिल्ली के निवासियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सरकार का विजन ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देना है, और सार्वजनिक परिवहन का यह विस्तार उसी दिशा में एक ठोस प्रयास है। इस कार्यक्रम में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री और दिल्ली के उपराज्यपाल भी मौजूद रहे, जिन्होंने दिल्ली मेट्रो को “राजधानी की लाइफलाइन” बताया। शिलान्यास समारोह के बाद दिल्ली-एनसीआर के लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि यह नई रफ्तार राजधानी की भागदौड़ भरी जिंदगी को और अधिक सुगम और सुरक्षित बनाएगी।



