
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बहुप्रतिक्षित बजट सत्र आज, 23 फरवरी 2026 से राजधानी रायपुर में शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण के साथ हुई, जिसमें उन्होंने सरकार की पिछले एक साल की उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं का खाका पेश किया। राज्यपाल ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना और किसानों के लिए शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘समृद्ध छत्तीसगढ़’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जहाँ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना ही मुख्य लक्ष्य है। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने मेजें थपथपाकर स्वागत किया, जबकि विपक्ष ने कुछ मुद्दों पर असहमति जताते हुए शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया।
वित्त मंत्री चौधरी पेश करेंगे ‘डिजिटल बजट’
इस सत्र का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण राज्य का वार्षिक बजट होगा, जिसे वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी आगामी 25 फरवरी को विधानसभा पटल पर रखेंगे। सूत्रों के अनुसार, इस बार का बजट पूरी तरह से ‘डिजिटल’ होने की उम्मीद है, जिसमें तकनीक और नवाचार (Innovation) पर विशेष फोकस रहेगा। सरकार इस बजट के माध्यम से बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास, नई सड़कों के निर्माण और शिक्षा के आधुनिकीकरण के लिए बड़ी घोषणाएं कर सकती है। इसके साथ ही, युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए आईटी हब और कौशल विकास केंद्रों के लिए विशेष प्रावधान किए जाने की संभावना है। वित्त मंत्री ने संकेत दिया है कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को एक नई गति देने वाला दस्तावेज़ होगा।
हंगामेदार रहने के आसार: विपक्ष ने कसी कमर
सत्र के पहले ही दिन से विपक्षी दल कांग्रेस ने आक्रामक रुख अपना लिया है, जिससे सदन की कार्यवाही काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कानून-व्यवस्था, कथित भर्ती घोटालों और धान खरीदी के दौरान किसानों को हुई असुविधाओं जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार केवल विज्ञापनों में विकास दिखा रही है, जबकि धरातल पर आम जनता महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में भी तीखी बहस होने की उम्मीद है, जहाँ विपक्ष अधिक से अधिक कार्य दिवस और ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की मांग करेगा। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है और विकास की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की राजनीति बाधा नहीं बननी चाहिए।



