
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल, 22 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के मेरठ का ऐतिहासिक दौरा करने जा रहे हैं। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी पश्चिमी यूपी को बड़ी सौगात देते हुए मेरठ मेट्रो और दिल्ली-मेरठ ‘नमो भारत’ (RRTS) कॉरिडोर के अंतिम चरण का उद्घाटन करेंगे। 82 किलोमीटर लंबे इस पूरे कॉरिडोर के चालू होने से दिल्ली और मेरठ के बीच की दूरी महज कुछ मिनटों की रह जाएगी। इसके साथ ही पीएम मोदी मेरठ में लगभग 12,930 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी करेंगे। इस दौरे को क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के कायाकल्प और आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ब्राजील के राष्ट्रपति लुला डी सिल्वा के साथ द्विपक्षीय वार्ता
मेरठ दौरे से ठीक एक दिन पहले, आज 21 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लुला डी सिल्वा के साथ एक उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक की। राष्ट्रपति लुला 18 से 22 फरवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात में क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिज), रक्षा सहयोग और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से चीन पर निर्भरता कम करने के लिए भारत और ब्राजील ने दुर्लभ मृदा तत्वों (Rare Earths) की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। पीएम मोदी ने राष्ट्रपति लुला के सम्मान में एक विशेष दोपहर के भोज (Lunch) की मेजबानी भी की, जिसमें दोनों देशों के साझा वैश्विक हितों पर विस्तार से चर्चा हुई।
ग्लोबल साउथ की मजबूती और एआई पर सहयोग
यह मुलाकात केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें ‘ग्लोबल साउथ’ (विकासशील देशों) की आवाज को बुलंद करने का संकल्प भी दोहराया गया। राष्ट्रपति लुला ने भारत में आयोजित ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में भी सक्रिय भागीदारी की, जहाँ उन्होंने पीएम मोदी के ‘जिम्मेदार एआई’ (Responsible AI) के विजन की सराहना की। दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और ब्रिक्स (BRICS) के विस्तार जैसे मुद्दों पर एक-दूसरे का समर्थन करने की बात कही। ब्राजील के राष्ट्रपति के साथ आए 150 से अधिक सीईओ के प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय व्यापार जगत के साथ नए निवेश समझौतों पर मुहर लगाई, जो आने वाले वर्षों में दोनों देशों के व्यापार को 20 बिलियन डॉलर तक पहुँचाने के लक्ष्य को गति प्रदान करेगा।



