राजनीति

‘सेवा तीर्थ’: पीएमओ का नया पता और प्रशासनिक पुनर्गठन

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को ‘सेवा तीर्थ’ नामक नई इमारत में स्थानांतरित करने का निर्णय देश के प्रशासनिक इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। वर्तमान में साउथ ब्लॉक से संचालित होने वाला यह कार्यालय अब एक अत्याधुनिक और अधिक विशाल परिसर में शिफ्ट होगा, जिसे विशेष रूप से 21वीं सदी की शासन व्यवस्था की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। ‘सेवा तीर्थ’ का नाम ‘सेवा ही परमो धर्म:’ के विचार को प्रतिध्वनित करता है, जो सरकारी कामकाज में जन-केंद्रित दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के सरकार के संकल्प को दर्शाता है। इस स्थानांतरण का उद्देश्य सत्ता के गलियारों को अधिक पारदर्शी, सुलभ और आधुनिक तकनीक से लैस बनाना है, ताकि नीतिगत निर्णयों की गति में और अधिक तेजी लाई जा सके।

तकनीकी और सुरक्षा के दृष्टिकोण से ‘सेवा तीर्थ’ को अभेद्य और भविष्योन्मुखी बनाया गया है। इस नई इमारत में उन्नत साइबर सुरक्षा ढांचा, सुरक्षित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम और डेटा एनालिटिक्स सेंटर शामिल हैं, जो वैश्विक स्तर पर उभरती चुनौतियों से निपटने में सहायक होंगे। इसके साथ ही, इस परिसर को ‘सेंट्रल विस्टा’ परियोजना के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में विकसित किया गया है, जो विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय (Inter-departmental coordination) सुनिश्चित करेगा। पीएमओ के इस नए ठिकाने में न केवल प्रधानमंत्री के लिए आधुनिक कार्यस्थल होगा, बल्कि विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय वार्ताओं के लिए विशेष राजनयिक कक्ष भी तैयार किए गए हैं।

प्रशासनिक दक्षता के अलावा, ‘सेवा तीर्थ’ को एक ‘ग्रीन बिल्डिंग’ के रूप में विकसित किया गया है, जो ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरणीय स्थिरता का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करती है। इस परिसर में कागजी कार्रवाई को न्यूनतम करने के लिए पूर्णतः डिजिटल वर्कफ्लो लागू किया गया है, जिससे यह एक स्मार्ट सचिवालय के रूप में उभरेगा। इस शिफ्टिंग से लुटियंस दिल्ली के पुराने और ऐतिहासिक ढांचों पर दबाव कम होगा और एक एकीकृत कमांड सेंटर की स्थापना हो सकेगी। पीएमओ का यह नया स्वरूप ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के नारे को साकार करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है, जो भारत की बढ़ती वैश्विक छवि और प्रशासनिक सुदृढ़ता का प्रतीक बनेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button