मौसम अपडेट: 5 राज्यों में बारिश का अलर्ट और पश्चिमी विक्षोभ का असर

पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता और बारिश का अलर्ट भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा बुलेटिन के अनुसार, एक के बाद एक दो सक्रिय ‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbances) उत्तर भारत को प्रभावित करने वाले हैं। इसका पहला असर 13 फरवरी से दिखाई देगा, जिसके कारण जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में मध्यम से भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 16 और 17 फरवरी को इन राज्यों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है, जिससे तापमान में एक बार फिर गिरावट आने की उम्मीद है।
दिल्ली-NCR और मैदानी राज्यों में कोहरे का प्रभाव उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, विशेषकर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार में फिलहाल ठंड का असर कम हो रहा है, लेकिन सुबह और रात के समय घना कोहरा (Dense Fog) अभी भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर तक रहने से सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है। हालाँकि, दिल्ली में दिन का अधिकतम तापमान 26°C से 28°C के बीच दर्ज किया जा रहा है, जो सामान्य से 3-5 डिग्री अधिक है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी बारिश के बाद इन राज्यों में चलने वाली ठंडी हवाएं दिन की गर्मी से थोड़ी राहत दिला सकती हैं, लेकिन कोहरा अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है।
दक्षिण भारत में मौसम का हाल और किसानों के लिए सलाह दक्षिण भारत के कुछ राज्यों जैसे तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी 13 फरवरी के आसपास हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में दिन में तेज धूप के कारण ‘अर्ली समर’ (समय से पहले गर्मी) जैसी स्थिति बन रही है। इस बदलते मौसम को देखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और मैदानों में अचानक होने वाली बारिश से रबी की फसलों, खासकर गेहूं और सरसों की कटाई व तैयारी प्रभावित हो सकती है। सरकार ने यात्रियों को भी सलाह दी है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने से पहले मौसम के ताज़ा अपडेट जरूर चेक करें।



