वीजा सेवाओं का निलंबन: चटगांव में भारतीय मिशन पर सुरक्षा संकट

बांग्लादेश में गहराते राजनीतिक संकट और हालिया हिंसक घटनाओं के बीच, भारत सरकार ने चटगांव (Chattogram) स्थित अपने भारतीय वीजा आवेदन केंद्र (IVAC) की सेवाओं को 21 दिसंबर 2025 से अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया है। यह कड़ा फैसला चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायोग (AHCI) के पास हुई एक गंभीर सुरक्षा घटना और वहां के कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। गौरतलब है कि लोकप्रिय युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में भारत विरोधी प्रदर्शन और तोड़फोड़ की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसके कारण राजनयिक परिसरों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं।
घटनाक्रम के अनुसार, पिछले गुरुवार को प्रदर्शनकारियों की एक उग्र भीड़ ने चटगांव में सहायक भारतीय उच्चायुक्त के आवास पर पथराव किया था, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। आईवीएसी (IVAC) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर स्पष्ट किया है कि वीजा परिचालन अगले आदेश तक बंद रहेगा और इसे दोबारा खोलने का निर्णय स्थानीय सुरक्षा स्थिति की पूरी समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा। हालांकि, ढाका, खुलना, राजशाही और सिलहट स्थित अन्य केंद्र वर्तमान में संचालित हैं, लेकिन वहां भी सुरक्षा व्यवस्था को काफी कड़ा कर दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
इस कूटनीतिक तनाव के बीच, भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने बांग्लादेशी मीडिया में चल रहे उन दावों को ‘भ्रामक दुष्प्रचार’ करार दिया है जिनमें नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग में सुरक्षा उल्लंघन की बात कही गई थी। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह वियना कन्वेंशन के तहत सभी विदेशी मिशनों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं, बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदायों, विशेष रूप से मयमनसिंह में दीपु चंद्र दास की नृशंस हत्या को लेकर भी भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। वीजा सेवाओं का यह निलंबन दोनों देशों के बीच मौजूदा कूटनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों का एक बड़ा संकेत है।



