
बिहार की राजनीति में आज, 5 मार्च 2026 का दिन ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज राज्यसभा के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करने वाले हैं। पटना के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा अब महज अटकल नहीं, बल्कि एक तयशुदा पटकथा नजर आ रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद आज पटना में मौजूद रहेंगे, जो इस बात का संकेत है कि बिहार में सत्ता के शीर्ष पर एक बड़ा बदलाव (Regime Change) होने वाला है। नीतीश कुमार का दिल्ली प्रस्थान और राज्यसभा जाना बिहार में उनके दो दशक लंबे शासन के अंत और एनडीए के भीतर एक नए नेतृत्व के उदय का प्रतीक है।
इस ‘महा-बदलाव’ के 3 मुख्य कारण:स्वास्थ्य और भविष्य की रणनीति: सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार ने अपनी गिरती सेहत और भविष्य की राजनीति को देखते हुए यह ‘सम्मानजनक निकास’ (Honourable Exit) चुना है। वे अब केंद्र की राजनीति में एक नई भूमिका निभा सकते हैं।बीजेपी का बढ़ता प्रभाव: 2025 के विधानसभा चुनावों में शानदार जीत के बाद बीजेपी बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। ऐसे में बीजेपी अब राज्य की कमान अपने हाथ में लेकर बिहार का पहला बीजेपी मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी में है।
उत्तराधिकार की योजना: चर्चा है कि नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में प्रवेश कर सकते हैं और उन्हें बिहार में नई सरकार के भीतर ‘डिप्टी सीएम’ या कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।



