UGC मुख्यालय पर प्रदर्शन: निलंबित PCS अलंकार अग्निहोत्री का ‘सवर्ण अधिकार’ मोर्चा, भेदभाव के खिलाफ घेराव

दिल्ली स्थित UGC मुख्यालय के बाहर आज सुबह से ही भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है। उत्तर प्रदेश कैडर के निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अपने समर्थकों के साथ आयोग का घेराव किया है। अग्निहोत्री का आरोप है कि सरकारी संस्थानों और विशेषकर शिक्षा के क्षेत्र में ‘सवर्णों’ के खिलाफ अत्याचार और भेदभाव बढ़ रहा है। उन्होंने यूजीसी की आरक्षण नीतियों और हाल ही में हुई कुछ नियुक्तियों पर सवाल उठाते हुए इसे योग्यता का अपमान बताया है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि व्यवस्था में सवर्ण समाज के युवाओं की उपेक्षा की जा रही है और उनके संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
अलंकार अग्निहोत्री, जो पहले से ही अपने तीखे बयानों और प्रशासनिक विवादों के चलते निलंबन झेल रहे हैं, ने इस आंदोलन को “सवर्ण अस्मिता” की लड़ाई करार दिया है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने बैरिकेडिंग कर मुख्यालय को चारों तरफ से घेर लिया है। अग्निहोत्री की मुख्य मांग है कि यूजीसी अपनी चयन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाए और ‘सवर्णों के खिलाफ हो रहे कथित अत्याचारों’ की जांच के लिए एक स्वतंत्र आयोग का गठन किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके निलंबन के पीछे भी उनकी यही मुखर आवाज है जिसे दबाने की कोशिश की जा रही है।
इस घेराव ने एक बार फिर देश में आरक्षण और जातीय समीकरणों की बहस को गर्मा दिया है। जहां एक तरफ समर्थक इसे ‘समानता की मांग’ बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आलोचकों का कहना है कि एक सरकारी अधिकारी द्वारा इस तरह का जातिगत मोर्चा खोलना प्रशासनिक मर्यादा के खिलाफ है। यूजीसी के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन (Memorandum) स्वीकार कर लिया है और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन अग्निहोत्री ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस विचार नहीं हुआ, तो यह आंदोलन दिल्ली की सड़कों पर और बड़ा रूप लेगा। फिलहाल, आईटीओ (ITO) और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और यातायात प्रभावित है।



