राहुल गांधी पर भाजपा का प्रहार: विदेश में देश की छवि खराब करने का आरोप, कांग्रेस का तीखा पलटवार

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर विदेशी धरती से भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक गरिमा को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाते हुए चौतरफा हमला बोला है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी और गौरव भाटिया ने दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ताओं के दौरान कहा कि राहुल गांधी अपनी हालिया वियतनाम और जर्मनी यात्राओं के दौरान “भारत विरोधी नैरेटिव” को हवा दे रहे हैं। भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी विदेश जाकर उन ताकतों से मुलाकात करते हैं जो भारत की अखंडता के खिलाफ हैं, और उनके बयान वैश्विक मंच पर देश की प्रतिष्ठा को धूमिल करते हैं। भाजपा ने इसे एक ‘सुनियोजित प्रोपेगेंडा’ करार दिया है।
दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने भाजपा के इन आरोपों को पूरी तरह से आधारहीन और हताशापूर्ण बताया है। कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि राहुल गांधी विदेश में रहने वाले भारतीयों और अंतरराष्ट्रीय समुदायों के बीच केवल भारत की वर्तमान चुनौतियों और “सच्चाई” को साझा कर रहे हैं। कांग्रेस के अनुसार, सत्ता पक्ष की आलोचना करना देश का अपमान नहीं है, बल्कि यह जीवंत लोकतंत्र की पहचान है। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा असल मुद्दों—जैसे बेरोजगारी, महंगाई और चीन के साथ सीमा विवाद—से जनता का ध्यान भटकाने के लिए राहुल गांधी के निजी दौरों और बयानों को निशाना बना रही है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी का “भारत जोड़ो” विजन देश के भीतर और बाहर समान है।
यह राजनीतिक विवाद इसलिए भी गहरा गया है क्योंकि भाजपा ने राहुल गांधी के विदेशी संपर्कों और उनके निमंत्रणों के स्रोतों पर सवाल उठाए हैं। भाजपा ने राहुल गांधी को “लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा” करार देते हुए पूछा है कि वे संसद सत्र के दौरान ही विदेश यात्राएं क्यों करते हैं। वहीं, विपक्षी खेमे का मानना है कि भाजपा राहुल गांधी की वैश्विक लोकप्रियता से डरी हुई है। जैसे-जैसे 2026 के चुनावी चक्र की आहट बढ़ रही है, ‘राष्ट्रवाद’ और ‘भारत की छवि’ के मुद्दों पर दोनों दलों के बीच यह टकराव और उग्र होने की संभावना है। फिलहाल, सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर समर्थक और विरोधी अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं।



