दिल्ली-एनसीआर में ‘कोल्ड टॉर्चर’: रिकॉर्ड तोड़ न्यूनतम तापमान और शीतलहर का ‘ऑरेंज अलर्ट’

दिल्ली-एनसीआर और गाजियाबाद में भीषण शीतलहर (Cold Wave) का प्रकोप अपने चरम पर पहुँच गया है। सोमवार की सुबह दिल्ली के सफदरजंग और गाजियाबाद के लोनी इलाके में न्यूनतम तापमान गिरकर 1.5°C से 2.2°C के बीच दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे कम तापमान है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं ने मैदानी इलाकों को “गैस चैंबर” के बाद अब “फ्रीजर” में तब्दील कर दिया है। घने कोहरे के कारण दृश्यता (Visibility) शून्य से 50 मीटर के बीच रह गई है, जिससे दिल्ली आने वाली दर्जनों ट्रेनें और उड़ानें अपने निर्धारित समय से कई घंटे देरी से चल रही हैं।
भीषण ठंड को देखते हुए गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव करने या उन्हें बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। सड़कों के किनारे रहने वाले बेघर लोगों के लिए रैन बसेरों में भीड़ बढ़ गई है, और नगर निगम ने प्रमुख चौराहों पर अलाव की व्यवस्था की है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 48 घंटों तक ‘सीवियर कोल्ड डे’ (Severe Cold Day) की स्थिति बनी रहेगी। नमी और कम तापमान के कारण कोहरा और गहरा सकता है, जिससे सड़क यातायात में जोखिम बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही सुबह के समय घरों से बाहर निकलें और गर्म कपड़ों की कई परतों का उपयोग करें।
इस कड़ाके की ठंड का असर केवल परिवहन पर ही नहीं, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। अस्पतालों में हृदय और श्वसन संबंधी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या में 30% तक की वृद्धि देखी गई है। डॉक्टरों ने विशेष रूप से बुजुर्गों और बच्चों को ‘हाइपोथर्मिया’ से बचने की चेतावनी दी है। हालांकि, इस ठंड और कोहरे का एक सकारात्मक पहलू यह है कि हाल ही में हुई बारिश के बाद प्रदूषण के कण जमीन पर बैठ गए हैं, लेकिन ‘विंटर इनवर्जन’ (Winter Inversion) के कारण हवा की गुणवत्ता फिर से खराब होने का डर बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 जनवरी के बाद ही एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने से तापमान में मामूली बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।



