अमेरिका फर्स्ट’ नीति: ट्रंप ने 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हटने का किया ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले वर्ष में एक बड़ा कूटनीतिक धमाका करते हुए 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से आधिकारिक तौर पर बाहर निकलने की घोषणा की है। बुधवार, 7 जनवरी 2026 को हस्ताक्षरित एक ‘प्रेसिडेंशियल मेमोरेंडम’ के माध्यम से ट्रंप प्रशासन ने इन संगठनों को “अमेरिकी हितों के विपरीत” और “फिजूलखर्ची” वाला करार दिया है। इस सूची में 31 संयुक्त राष्ट्र (UN) से जुड़ी संस्थाएं और 35 गैर-यूएन संगठन शामिल हैं। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह कदम अमेरिकी संप्रभुता की रक्षा और करदाताओं के अरबों डॉलर बचाने के लिए उठाया गया है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इन संस्थानों को ‘ग्लोबलिस्ट एजेंडा’ को बढ़ावा देने वाला बताया है, जो अमेरिका की आर्थिक शक्ति को कमजोर कर रहे थे।
इस निर्णय का सबसे बड़ा असर जलवायु परिवर्तन और वैश्विक ऊर्जा समझौतों पर पड़ेगा। अमेरिका ने UNFCCC (जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन) और IPCC (जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल) जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं से नाता तोड़ लिया है। विशेष रूप से, भारत और फ्रांस के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) से अमेरिका का हटना नई दिल्ली के लिए एक बड़ा कूटनीतिक झटका माना जा रहा है। अन्य प्रमुख संगठनों में अंतरराष्ट्रीय रिन्यूवेबल एनर्जी एजेंसी (IRENA), अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मंच (IEF), और प्रकृति संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय संघ (IUCN) शामिल हैं। ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि ये संगठन “वोक” (Woke) एजेंडे और “जलवायु रूढ़िवादिता” को थोपने का प्रयास कर रहे थे।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के इस कदम से वैश्विक शासन (Global Governance) का ढांचा पूरी तरह बदल जाएगा और चीन को अपना प्रभाव बढ़ाने का मौका मिलेगा। जहां एक ओर पर्यावरणविद् इसे “अंधेरे युग की शुरुआत” कह रहे हैं, वहीं ट्रंप समर्थक इसे ‘राष्ट्रीय स्वायत्तता’ की जीत मान रहे हैं। अमेरिका अब उन वैश्विक कर समझौतों और मानवाधिकार परिषदों से भी हट गया है जो उसकी नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। इस फैसले से संयुक्त राष्ट्र के कई कार्यक्रमों (जैसे UN Population Fund और UN Energy) के बजट में भारी कटौती होने की संभावना है, जिससे वैश्विक स्तर पर विकास और शांति अभियानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।



