
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से अपने वार्षिक ‘दक्षिण प्रवास’ (Southern Sojourn) के लिए तेलंगाना के सिकंदराबाद स्थित राष्ट्रपति निलयम पहुँच रही हैं। राष्ट्रपति का यह दौरा परंपरा और प्रशासनिक कर्तव्यों का एक अनूठा संगम है, जहाँ वह दक्षिण भारत के लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करती हैं। उनके आगमन को लेकर सिकंदराबाद और हैदराबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरे निलयम परिसर को सजाया गया है। यह वार्षिक प्रवास उत्तर और दक्षिण भारत के सांस्कृतिक जुड़ाव को और अधिक मजबूत करने का एक प्रतीक माना जाता है।
इस वर्ष के प्रवास का एक विशेष आकर्षण ओलिंपिक मेडल विजेताओं का भव्य सम्मान समारोह है। राष्ट्रपति मुर्मू अपने इस दौरे के दौरान उन भारतीय एथलीटों को सम्मानित करेंगी जिन्होंने ओलिंपिक खेलों में तिरंगे का मान बढ़ाया है। राष्ट्रपति निलयम में आयोजित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम में खिलाड़ियों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धि और कड़ी मेहनत के लिए सराहा जाएगा। यह सम्मान न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि दक्षिण भारत के उभरते खेल सितारों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा। राष्ट्रपति भवन ने इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं।
राष्ट्रपति निलयम में अपने प्रवास के दौरान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कई अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगी, जिनमें सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात और स्थानीय विकास परियोजनाओं का अवलोकन शामिल है। ‘दक्षिण प्रवास’ की यह परंपरा काफी पुरानी है, जिसका उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में राष्ट्रपति की उपस्थिति सुनिश्चित करना है। राष्ट्रपति के इस दौरे से क्षेत्र में संवैधानिक गरिमा का बोध होता है और जनता के बीच शासन के प्रति विश्वास बढ़ता है। उनके इस प्रवास के दौरान होने वाले कार्यक्रमों पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।



