टूर पैकेज के नाम पर बड़ा फ्रॉड: 13 लोगों से ₹78.71 लाख की ठगी, दो पर केस दर्ज

पर्यटन के शौकीनों को लुभाने के लिए आकर्षक टूर पैकेज और भारी छूट का लालच देकर करोड़ों की ठगी करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने एक सुव्यवस्थित योजना के तहत कुल 13 लोगों को अपना निशाना बनाया और उनसे लगभग ₹78.71 लाख की मोटी रकम ऐंठ ली। पीड़ितों को झांसा दिया गया था कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दौरों पर बाजार से बेहद कम कीमतों पर लग्जरी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। जब निर्धारित समय पर न तो टिकट मिले और न ही होटल बुकिंग की पुष्टि हुई, तब पीड़ितों को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद इस मामले में दो मुख्य आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी है।
ठगी का यह खेल सोशल मीडिया और लुभावने विज्ञापनों के जरिए शुरू किया गया था। आरोपियों ने एक फर्जी ट्रैवल एजेंसी बनाकर खुद को अधिकृत एजेंट बताया और ग्राहकों को ‘अर्ली बर्ड डिस्काउंट’ और ‘ग्रुप बुकिंग ऑफर’ जैसे जाल में फंसाया। पीड़ितों ने बताया कि आरोपियों ने शुरुआत में काफी भरोसेमंद व्यवहार किया और कुछ फर्जी रसीदें भी थमा दीं। इस धोखाधड़ी में शिकार हुए अधिकांश लोग मध्यम वर्गीय परिवारों से हैं, जिन्होंने अपनी जमा पूंजी छुट्टियों के लिए निवेश की थी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने सारा पैसा विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवाया और उसके बाद अपने मोबाइल नंबर बंद कर फरार हो गए।
साइबर सेल और स्थानीय पुलिस अब उन बैंक खातों की डिटेल खंगाल रही है, जिनमें ठगी की रकम जमा की गई थी। अधिकारियों ने आम जनता को चेतावनी दी है कि वे किसी भी अनजान ट्रैवल एजेंसी को पैसे भेजने से पहले उसका पंजीकरण और पिछली समीक्षाएं (Reviews) जरूर चेक करें। भारी भरकम छूट वाले प्रस्तावों पर तुरंत भरोसा न करें, क्योंकि अक्सर ऐसे ऑफर ठगों द्वारा बिछाया गया जाल होते हैं। पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं और गिरफ्तारियों के बाद ठगी की कुल रकम का आंकड़ा और बढ़ सकता है। यह मामला एक बार फिर डिजिटल युग में वित्तीय लेनदेन के दौरान अत्यधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।



