परिवहन क्रांति: गाजियाबाद से मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद के बीच ई-बस सेवा का आगाज

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) ने गाजियाबाद के यात्रियों के लिए आधुनिक यात्रा सुविधाओं का विस्तार करते हुए आज मंगलवार, 23 दिसंबर 2025 से एक नई शुरुआत की है। गाजियाबाद के साहिबाबाद और कौशांबी डिपो से मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद जैसे शहरों के लिए अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक वातानुकूलित (E-Bus) सेवाओं का संचालन शुरू कर दिया गया है। कुल 8 नई ई-बसों में से 3 बसें कश्मीरी गेट से मुजफ्फरनगर, 2 कौशांबी से मुरादाबाद, 2 नजीबाबाद और 1 बस कोटद्वार के लिए चलाई जा रही है। यह कदम न केवल यात्रियों को डीजल बसों के शोर और प्रदूषण से मुक्ति दिलाएगा, बल्कि लंबी दूरी की यात्रा को अधिक आरामदायक और किफायती भी बनाएगा।
क्षेत्रीय परिवहन ढांचे को और मजबूत करने के लिए प्रशासन ने 298 नई बसों के बेड़े को शामिल करने की विस्तृत योजना तैयार की है। इन नई बसों में साधारण और वातानुकूलित दोनों तरह की श्रेणियां शामिल होंगी, जिन्हें गाजियाबाद के विभिन्न डिपो के बीच आवंटित किया जाएगा। इससे ग्रामीण और शहरी रूटों पर बसों की कमी दूर होगी और यात्रियों को बस स्टैंड पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही, बसों के रखरखाव और संचालन की गुणवत्ता में सुधार के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है, जिसमें रियल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग और पैनिक बटन जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी इन नई बसों का हिस्सा होंगी।
परिवहन क्षेत्र में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साहिबाबाद डिपो को पीपीपी (PPP) मॉडल के तहत विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस मॉडल के तहत साहिबाबाद बस अड्डे को लगभग 161 करोड़ रुपये की लागत से एक ‘मॉडल बस स्टेशन’ के रूप में पुनर्विकसित किया जाएगा, जहाँ यात्रियों को हवाई अड्डे जैसी सुविधाएं जैसे वेटिंग लाउंज, फूड कोर्ट और आधुनिक शौचालय उपलब्ध होंगे। साहिबाबाद डिपो की वर्कशॉप में निजी एजेंसी ने अपना कार्यालय बनाकर कार्य भी शुरू कर दिया है। पीपीपी मोड में आने से डिपो का प्रबंधन और अधिक कुशल होने की उम्मीद है, जिससे गाजियाबाद उत्तर प्रदेश में परिवहन के मामले में एक प्रमुख केंद्र (Hub) बनकर उभरेगा।



