उत्तर भारत में कोहरे का तांडव: थमी रफ्तार और आसमान में सन्नाटा

आज शनिवार, 20 दिसंबर 2025 को दिल्ली-NCR समेत समूचा उत्तर भारत घने कोहरे और जहरीले स्मॉग की चादर में लिपटा हुआ है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पालम और सफदरजंग जैसे क्षेत्रों में सुबह के समय दृश्यता (Visibility) शून्य से 50 मीटर तक गिर गई, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर बहुत बुरा असर पड़ा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कोहरे के कारण शनिवार सुबह तक 129 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिनमें 66 आगमन और 63 प्रस्थान वाली उड़ानें शामिल हैं। हवाई अड्डे पर ‘लो-विजिबिलिटी प्रोसीजर’ लागू होने के बावजूद 200 से अधिक उड़ानों के परिचालन में भारी देरी दर्ज की गई है, जिससे हजारों यात्री टर्मिनलों पर फंसे हुए हैं।
कोहरे की इस मार से रेल यातायात भी अछूता नहीं रहा है; उत्तर भारत की ओर आने वाली और यहाँ से जाने वाली 32 से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से 3 से 8 घंटे की देरी से चल रही हैं। प्रयागराज एक्सप्रेस, तेजस राजधानी और वंदे भारत जैसी प्रमुख ट्रेनें भी कोहरे के कारण घंटों विलंब से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को कड़ाके की ठंड के बीच स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सड़कों पर भी विजिबिलिटी कम होने के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है और प्रशासन ने ड्राइवरों को फॉग लाइट्स का उपयोग करने तथा अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जो आने वाले 24 घंटों में कोहरे और शीत लहर के और गहराने का संकेत देता है।
कोहरे के साथ-साथ दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर भी ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है, जहाँ कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुँच गया है। ठंड, कोहरा और जहरीला धुआं मिलकर एक घातक ‘स्मॉग’ बना रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक साबित हो रहा है। प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए GRAP-IV की पाबंदियों को सख्ती से लागू किया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की धीमी गति के कारण प्रदूषक तत्व जमीन के करीब फंसे हुए हैं, जिससे स्मॉग की परत छंट नहीं रही है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले एयरलाइंस और रेलवे के आधिकारिक ऐप्स के माध्यम से लाइव स्टेटस की जांच जरूर कर लें, क्योंकि कोहरे का यह सितम अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।



