
सिंगापुर और जापान की अपनी चार दिवसीय ऐतिहासिक निवेश यात्रा (23-26 फरवरी 2026) से लौटने के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धियों का ऐलान किया है। लखनऊ के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत के बीच मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस विदेश दौरे के दौरान ₹1.5 लाख करोड़ के MoUs (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा, राज्य को ₹2.5 लाख करोड़ के अतिरिक्त निवेश प्रस्ताव भी मिले हैं, जिससे कुल निवेश क्षमता ₹4 लाख करोड़ तक पहुँच गई है। रील के लिए अपने चिर-परिचित अंदाज़ में उन्होंने हुंकार भरी— “यूपी बनेगा ग्लोबल हब!” उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निवेश उत्तर प्रदेश को 2029-30 तक $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में ‘मील का पत्थर’ साबित होगा।मुख्यमंत्री ने विस्तार से बताया कि निवेश का बड़ा हिस्सा सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे भविष्य के क्षेत्रों में आएगा।
जापानी दिग्गजों जैसे ‘कुबोटा कॉर्पोरेशन’ और ‘सुजुकी’ के साथ ऑटोमोबाइल सेक्टर में महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं, जबकि सिंगापुर की कंपनियों ने जेवर एयरपोर्ट के पास एक आधुनिक ‘कार्गो हब’ और ‘फिनटेक सिटी’ विकसित करने में गहरी रुचि दिखाई है। योगी आदित्यनाथ ने विशेष रूप से ‘जापान सिटी’ के निर्माण की घोषणा की, जो यमुना एक्सप्रेसवे (YEIDA) क्षेत्र में 500 एकड़ में फैला होगा और जापानी निवेशकों के लिए एक समर्पित औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की पारदर्शी नीतियों और बेहतर कानून-व्यवस्था ने वैश्विक मंच पर निवेशकों का भरोसा जीता है, जिससे राज्य अब दुनिया के लिए “ड्रीम डेस्टिनेशन” बन गया है।इस निवेश यात्रा के दूरगामी परिणामों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य के 5 लाख से अधिक युवाओं के लिए सीधे रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने ‘Invest UP’ और संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि इन सभी प्रस्तावों को ‘फास्ट-ट्रैक’ मोड पर आगे बढ़ाया जाए ताकि उत्तर प्रदेश की औद्योगिक प्रगति की गति धीमी न पड़े। सिंगापुर और जापान में हुए 60 से अधिक बैठकों और 3 बड़े रोड शो के बाद योगी आदित्यनाथ ने यह संदेश दिया कि “स्केल, स्किल और स्टेबिलिटी” के दम पर यूपी अब केवल भारत का नहीं, बल्कि दुनिया का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। यह दौरा न केवल आर्थिक दृष्टि से सफल रहा, बल्कि इसने यूपी के ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) को भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई, जहाँ मुख्यमंत्री ने विदेशी प्रतिनिधियों को स्वदेशी हस्तशिल्प भेंट कर ब्रांड-यूपी को और मजबूत किया।



