गोवा मुक्ति दिवस: पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य साहस को किया नमन
आज, 19 दिसंबर 2025 को भारत गोवा मुक्ति दिवस की वर्षगांठ मना रहा है, जो उस ऐतिहासिक क्षण का प्रतीक है जब 1961 में भारतीय सशस्त्र बलों ने गोवा को 450 वर्षों के पुर्तगाली शासन से मुक्त कराया था। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए उन महान स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने गोवा की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि गोवा की मुक्ति केवल एक क्षेत्रीय जीत नहीं थी, बल्कि यह भारत की अखंडता और संप्रभुता को पूर्ण करने वाला एक गौरवशाली अध्याय था। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उन वीरों को याद किया जिन्होंने पुर्तगाली अत्याचारों के खिलाफ ‘सत्याग्रह’ और सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से आजादी की अलख जगाए रखी थी।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में ‘ऑपरेशन विजय’ (Operation Vijay) की सफलता को रेखांकित किया, जिसके तहत भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना ने एक समन्वित अभियान चलाकर महज 36 घंटों के भीतर पुर्तगाली सेना को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया था। पीएम मोदी ने इसे भारत की राष्ट्रीय यात्रा का एक निर्णायक मोड़ बताया, जिसने यह स्पष्ट कर दिया कि स्वतंत्र भारत अपनी सीमाओं के भीतर विदेशी औपनिवेशिक शासन को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि गोवा के लोगों के अटूट धैर्य और भारतीय सैनिकों के साहस ने मिलकर आधुनिक भारत के इतिहास में एक नया स्वर्णिम पृष्ठ लिखा, जिससे भारत का एकीकरण पूर्ण हुआ।
मुक्ति दिवस के जश्न के बीच प्रधानमंत्री ने गोवा की सांस्कृतिक विविधता और विकास की सराहना करते हुए कहा कि आज का गोवा ‘विकसित भारत’ के संकल्पों को सिद्ध करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। पर्यटन से लेकर तकनीक तक, गोवा ने वैश्विक पटल पर अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि गोवा के युवाओं का कौशल और नवाचार राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, जो कि उन बलिदानियों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर पूरे राज्य में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जहाँ तिरंगा फहराकर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के गौरवशाली इतिहास को याद किया जा रहा है। यह दिन भारत की विविधता में एकता के अटूट विश्वास का प्रतीक है।



