गाजियाबाद का कायाकल्प: इंदिरापुरम और वैशाली की सड़कें बनेंगी ‘मॉडल रोड’

गाजियाबाद के शहरी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रशासन ने इंदिरापुरम और वैशाली की 6 प्रमुख सड़कों के सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास की योजना तैयार की है। इन सड़कों को ‘मॉडल रोड’ के रूप में विकसित करने के लिए 307 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट आवंटित किया गया है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सड़क सुविधाएं प्रदान करना है। इन मॉडल रोड्स के निर्माण से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि इन इलाकों की व्यावसायिक और आवासीय वैल्यू में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
परियोजना के तहत सड़कों के चौड़ीकरण के साथ-साथ कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। इन सड़कों पर पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, आधुनिक स्ट्रीट लाइटिंग और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम (जल निकासी) का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, सड़कों के किनारे लैंडस्केपिंग और ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके और शहर की सुंदरता बढ़ सके। निर्माण कार्यों के लिए 15 महीनों की समय सीमा (डेडलाइन) तय की गई है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि स्थानीय निवासियों को लंबे समय तक असुविधा का सामना न करना पड़े और विकास कार्य समय पर पूरा हो।
इन 6 प्रमुख सड़कों के मॉडल रोड में तब्दील होने से इंदिरापुरम और वैशाली जैसे व्यस्त इलाकों में जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने निर्माण के दौरान ट्रैफिक डायवर्जन और धूल नियंत्रण के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह पहल गाजियाबाद को एक ‘स्मार्ट और सस्टेनेबल’ शहर बनाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है। एक बार तैयार होने के बाद, ये सड़कें उत्तर प्रदेश के शहरी विकास के लिए एक मिसाल पेश करेंगी। स्थानीय निवासियों ने इस परियोजना का स्वागत किया है, क्योंकि इससे दैनिक आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र का समग्र बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।



