
दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता (Air Quality) एक बार फिर ‘गंभीर‘ (Severe) श्रेणी में पहुंचने के साथ, यह क्षेत्र देश का सबसे प्रदूषित क्षेत्र बना हुआ है। चिंता की बात यह है कि गाजियाबाद का लोनी इलाका प्रदूषण के मामले में दिल्ली के सबसे प्रदूषित स्थानों को कड़ी टक्कर दे रहा है।
- प्रदूषण का स्तर: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार (3 दिसंबर 2025) को गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहद उच्च स्तर पर दर्ज किया गया, जिससे यह देश के सबसे प्रदूषित हॉटस्पॉट्स में से एक बन गया।
- सबसे प्रदूषित स्थान: CPCB के अनुसार, दिल्ली के चांदनी चौक (AQI: 450) के बाद गाजियाबाद का लोनी क्षेत्र (AQI: 433) देश का दूसरा सबसे प्रदूषित इलाका रहा।
- श्रेणी: यह AQI स्तर ‘गंभीर’ से भी ऊपर, ‘खतरनाक’ (Hazardous – 401 से 500) श्रेणी में आता है, जो स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है।
- लोनी में मुख्य कारण: इस क्षेत्र में प्रदूषण के उच्च स्तर का एक बड़ा कारण अवैध फैक्ट्रियों का अनियंत्रित संचालन और उनसे निकलने वाला धुआँ बताया गया है।
- माह की स्थिति: नवंबर माह में ही, लोनी की हवा 17 दिन ‘गंभीर‘ (Severe) श्रेणी में दर्ज की गई, जिससे स्पष्ट होता है कि यहाँ की वायु गुणवत्ता लगातार खतरनाक बनी हुई है।
- स्वास्थ्य चेतावनी: वर्तमान AQI स्तर पर, नागरिकों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को, घर के अंदर रहने और बाहर निकलने पर N95 या बेहतर मास्क पहनने की सख्त सलाह दी गई है।
प्रशासन को इस ‘जहरीली हवा’ के कारणों, जैसे अवैध औद्योगिक उत्सर्जन और वाहनों के प्रदूषण, पर तुरंत और कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।



