
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने आज, 24 फरवरी 2026 को साय सरकार का तीसरा और इस दशक का सबसे महत्वपूर्ण ‘डिजिटल बजट’ पेश किया। इस बजट का मुख्य केंद्र ‘GYAN’ (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के साथ-साथ ‘GATI’ (सुशासन, बुनियादी ढांचा, तकनीक और औद्योगिक विकास) पर रहा। सरकार ने इस बार ‘अटल निर्माण वर्ष 2026’ के संकल्प के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई साहसिक कदम उठाए हैं।
1. किसानों और महिलाओं के लिए ‘खुशहाली का पिटारा’
बजट में सबसे बड़ी घोषणा ‘कृषक उन्नति योजना’ को लेकर रही, जिसके तहत होली से पहले किसानों के खातों में 10,292 करोड़ रुपये की बकाया बोनस और सहायता राशि भेजने का प्रावधान किया गया है। वहीं, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ‘महतारी वंदन योजना’ को और विस्तार दिया गया है। सरकार ने इस योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है, जिससे प्रदेश की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को सीधे वित्तीय सहायता मिलती रहेगी। इसके अलावा, राज्य सरकार ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक-2026’ भी लेकर आई है, जिसमें जबरन मतांतरण पर 10 साल तक की जेल का सख्त प्रावधान है।
2. युवाओं के लिए ‘डिजिटल और इंफ्रा’ क्रांति
युवाओं के लिए बजट में ‘एजुकेशन सिटी’ (नवा रायपुर) और प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र में ‘छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ (CIT) की स्थापना का ऐलान किया गया है। तकनीक के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए 5 जिलों में नए साइबर पुलिस स्टेशन और नवा रायपुर में एक अत्याधुनिक आईटी हब बनाने की योजना है। बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर, छोटे और मध्यम शहरों में यातायात सुगम बनाने के लिए रिंग रोड के निर्माण और बस्तर-सरगुजा जैसे दुर्गम क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ‘मुख्यमंत्री मोबाइल टॉवर योजना’ की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही, खेल सुविधाओं के विकास के लिए दुर्ग और सरगुजा में नए मिनी इंडोर स्टेडियम का प्रावधान किया गया है।
3. आर्थिक मजबूती और औद्योगिक विकास का रोडमैप
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ की GSDP (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) में 11.57% की शानदार बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है। बजट में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए ‘इन्वेस्ट छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम की घोषणा की गई है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए हर जिले में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे, साथ ही 12 नए नर्सिंग कॉलेज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए सस्ती दवाओं हेतु बायोफार्मा सेक्टर में निवेश की बात कही गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह बजट बिना किसी नए टैक्स के राज्य के अपने राजस्व में 11% की वृद्धि करने वाला ‘सरप्लस बजट’ है।



