अमेरिका में H-1B वीज़ा पर अभूतपूर्व सख्ती: लिंक्डइन और पारिवारिक प्रोफाइल की होगी गहन जांच

अमेरिका में अस्थायी रूप से काम करने का सपना देख रहे विदेशी पेशेवरों, खासकर भारतीय आईटी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी चुनौती सामने आई है। अमेरिकी प्रशासन ने प्रतिष्ठित H-1B वीज़ा आवेदन की प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सख्त कर दिया है, जिसके तहत आवेदकों की अब सोशल मीडिया प्रोफाइल, लिंक्डइन अकाउंट और उनके परिवार के बैकग्राउंड की भी विस्तृत और गहन जांच की जाएगी।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने हाल ही में दुनिया भर में स्थित अपने दूतावासों और कांसुलेट्स को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे H-1B आवेदकों की एम्प्लॉयमेंट हिस्ट्री और ऑनलाइन गतिविधियों की बारीकी से जांच करें। इस सख्ती का एक मुख्य कारण ‘फ्री स्पीच सेंसरशिप’ से जुड़े आवेदकों की पहचान करना है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि आवेदक किसी भी तरह की गलत सूचना (Misinformation), कंटेंट मॉडरेशन या फैक्ट-चेकिंग जैसी गतिविधियों में शामिल न रहे हों, जिन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने वाला माना जा सकता है। यह नई नीति केवल नए आवेदकों पर ही नहीं, बल्कि वीज़ा नवीनीकरण (Renewal) करवाने वाले मौजूदा धारकों पर भी लागू होगी।



